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एक बार फिर टल सकता है दिल्ली छावनी परिषद का चुनाव

एक बार फिर टल सकता है दिल्ली छावनी परिषद का चुनाव
Publish Date:Wed, 05 Aug 2020 07:43 PM (IST) Author: Jagran

मनीषा गर्ग, पश्चिमी दिल्ली : दिल्ली छावनी परिषद का चुनाव एक बार फिर टलता हुआ नजर आ रहा है। परिसीमन व नीतियों में बदलाव के कारण रक्षा मंत्रालय के निर्देश पर फरवरी 2020 में छह माह के लिए बोर्ड का विस्तार किया गया था। जिसके अनुसार अगस्त में चुनाव आयोजित होने थे। पर एक बार फिर छह माह के लिए बोर्ड का विस्तार करने की योजना है। हालांकि सूत्रों के मुताबिक इस बार बोर्ड का विस्तार कर पार्षदों के कार्यकाल बढ़ाने के बजाय रक्षा मंत्रालय द्वारा बोर्ड को भंग कर एक नामित व्यक्ति को नियुक्त करने के आसार अधिक नजर आ रहे हैं, जो छह माह के लिए आठों पार्षदों की जिम्मेदारियों का निर्वाह करेगा।

गौरतलब है कि दो दशकों में यह तीसरी बार होगा जब बोर्ड को भंग कर नामित व्यक्ति को नियुक्त किया जा सकता है। मार्च 2003 में बोर्ड को भंग कर दिया गया था और मार्च 2003 से जून 2008 के दौरान नामित व्यक्ति ने बोर्ड की जिम्मेदारियों को संभाला था। जून 2008 में चुनाव आयोजित कर नए बोर्ड का गठन हुआ था। ठीक इसी प्रकार जून 2008 में गठित बोर्ड के जून 2013 में चुनाव आयोजित होने थे। पर उस समय चुनाव न होकर बोर्ड का छह-छह माह के लिए 20 माह के लिए विस्तार किया गया था और फरवरी 2015 में जाकर नए बोर्ड का गठन किया गया। नियम के अनुसार एक साल के लिए बोर्ड को छह-छह माह करके दो बार विस्तार किया जा सकता है। इसके बाद भी यदि रक्षा मंत्रालय चुनाव आयोजित कराने की स्थिति में नहीं है तो वह बोर्ड को भंग कर केवल एक नामित व्यक्ति को नियुक्त कर सकता है। जो आठों वार्ड में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाह करेगा।

क्यों टाला जा रहा है चुनाव :

असल में वर्ष 1914 में स्थापित दिल्ली छावनी परिषद में बीते काफी सालों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। जिसके कारण रक्षा मंत्रालय छावनी परिषद की कार्यशैली में बदलाव की दिशा में प्रयासरत है। इस बार चुनाव टालने के पीछे कोरोना महामारी को प्रमुख कारण बताया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो कोरोना महामारी के साथ-साथ नीतियों में बदलाव का सिलसिला अभी भी जारी है। इसके अलावा परिसीमन पर भी अभी तक मुहर नहीं लगी है। मौजूदा परिस्थितियों को देखकर अनुमान लगाया जा रहा है कि फरवरी 2021 में भी चुनाव न हो। पर छह माह के इस विस्तार की खबर सुनने के बाद बोर्ड के आठों पार्षदों में उमंग की नई लहर दौड़ पड़ी है।

वित्त समिति का होगा गठन :

रक्षा मंत्रालय की तरफ बोर्ड के विस्तार की जैसे ही अधिसूचना जारी कर दी जाएगी इसके बाद वित्त समिति का भी गठन किया जाएगा। 29 जुलाई 2019 को एक साल के लिए विसमिति का गठन किया गया था। 29 जुलाई 2020 को एक साल की समय सीमा खत्म हो चुकी है। छावनी परिषद अब अधिसूचना मिलने का इंतजार कर रहा है। इसके अलावा सितंबर में उपाध्यक्ष पद की समयसीमा भी खत्म होने को है। ऐसे में जैसे ही अधिसूचना मिलेगी उसके तुरंत बाद पहले वित्त समिति और बाद में उपाध्यक्ष पद के चुनाव का आयोजन किया जाएगा।

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