top menutop menutop menu

डलाव घर के रखरखाव में असमर्थ साबित हो रहा निगम

जागरण संवाददाता, पश्चिमी दिल्ली : स्वच्छता अभियान को लेकर एक ओर निगम के नेता बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत बड़ी-बड़ी बातों की पोल खोलकर रख देती है। दक्षिणी दिल्ली निगम अपने डलाव घर के रखरखाव में असफल साबित हो रही है। डाबड़ी में मुख्य सड़क किनारे बने डलाव घर की बात करें तो यहां अव्यवस्था का माहौल देखने को मिलता है। यहां कूड़ा डालने के लिए डलाव घर के बाहर निजी ड्रम लगा रखे हैं, इसके बावजूद आसपास गंदगी का ढेर देखने को मिलता है। सबसे बदतर हालात तो पंखा रोड पर सर्विस लेन में बने दोनों डलाव घर का है। यहां कंपोस्टर मशीन लगी होने के बाद भी गंदगी का माहौल देखने को मिलता है। लापरवाही का आलम यह है कि कर्मचारी अधिकांश कूड़ा पंखा रोड ड्रेन में डाल देते हैं।

मंगलापुरी डलाव घर की बात करें तो यहां भी बड़े-बड़े कूड़ेदान लगे हैं, लेकिन डलाव घर के आसपास कूड़े का ढेर अभी भी देखा जा सकता है। विशेषकर कूड़ा घर के पीछे मलबे का ढेर अभी भी कायम है। निजी कर्मचारी बड़े-बड़े बोरे में कूड़े का ढेर भरकर उन्हें फुटपाथ पर सजाकर रख देते हैं। हस्तसाल श्मशान भूमि के पास, केशोपुर मंडी रोड, द्वारका सेक्टर-1 पुर्नावासित कॉलोनी, डाबड़ी से जनकपुरी स्थित अतिविशिष्ट अस्पताल जाने वाले रोड पर बने डलाव घर की भी यहीं स्थिति देखने को मिलती है। ओल्ड पंखा रोड पर डलाव घर को ढहा दिया गया है, लेकिन कूड़े डालने का काम अभी भी यहां जारी है। आलम यह है कि सड़क का अधिकांश हिस्सा कूड़े के ढेर से पटा रहता है। जिसके कारण यहां बेसहारा पशुओं का जमघट देखने को मिलता है। साथ ही सांस लेने में लोगों को काफी परेशानी होती है। सड़क पर कूड़े के ढेर के कारण यातायात भी काफी प्रभावित होता है। गंदगी के कारण मच्छरों का प्रकोप यहां काफी अधिक है, जो बीमारियों को दावत देते नजर आता है। अब बारिश के दिनों में डलाव घर के आसपास पानी जमा हो जाता है, जिससे परेशानी कई गुना बढ़ जाती है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.