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कोरोना में बढ़ी पल्स ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर की कालाबाजारी

नेमिष हेमंत, नई दिल्ली

कोरोना महामारी से पूरी दुनिया जूझ रही है और बचाव के लिए टीके की तलाश जारी है। इस बीच संक्रमित लोगों का उपचार कर उन्हें बचाने का प्रयास हो रहा है तो बाजार में बचाव के उपकरणों की कालाबाजारी भी तेज हो गई है। पीपीई किट, मॉस्क व सैनिटाइजर के साथ इस सूची में पल्स ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर भी शामिल हो गया है।

दवा व चिकित्सा उपकरणों के थोक बाजार भागीरथ पैलेस में कोरोना काल के पहले 650 रुपये में बिकने वाला पल्स ऑक्सीमीटर 1000 से 1500 रुपये तक में बिक रहा है। इसी तरह दिल्ली में थर्मामीटर की मांग एक समय में इतनी बढ़ी कि 600 रुपये का थर्मामीटर 8000 रुपये तक में बिका है। वहीं, अब यह 1500 से 2000 रुपये में उपलब्ध है।

गौरतलब है कि स्वस्थ दिखने वाले व्यक्ति के भी कोरोना संक्रमण में मौत के मामलों को देखते हुए चिकित्सा विशेषज्ञ इसके पीछे शरीर में अचानक ऑक्सीजन की कमी होने का भी एक कारण में गिना रहे हैं। ऐसे में कोरोना से संक्रमित लोगों को शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा भी जांचते रहने की सलाह दी जा रही है, ताकि समय रहते चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

ऐसे में पल्स ऑक्सीमीटर की मांग अचानक बढ़ गई है। द सर्जिकल मैन्युफैक्चरर्स एंड ट्रेडर्स एसोसिएशन के सचिव पुनीत भसीन ने बताया कि ये उपकरण चीन से आयात होते हैं। अचानक मांग बढ़ने से इसकी किल्लत भी होने लगी है। हालांकि, इस क्षेत्र में कुछ स्वदेशी निर्माता आगे आए हैं, लेकिन अभी उत्पादन मांग के मुकाबले कम है। वहीं, ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट के संगठन महासचिव संदीप नांगिया ने दाम बढ़ने से इन्कार करते हुए कहा कि पल्स ऑक्सीमीटर की मांग बढ़ी है, लेकिन दाम पहले की ही तरह है।

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