नौकरी देने वाले उद्यमी बनें छात्र : मनीष सिसोदिया

नौकरी देने वाले उद्यमी बनें छात्र : मनीष सिसोदिया

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बृहस्पतिवार को विवेक विहार स्थित दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीटीयू) के पूर्वी परिसर में नए आडिटोरियम मंथन का उद्घाटन किया। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी तलाशने के बजाय उद्यम स्थापित करें और दूसरों को रोजगार उपलब्ध कराने वाले बनें। लाकडाउन के बाद से देश में बेरोजगारी सबसे बड़ी समस्या बन गई है। हमारे विश्वविद्यालय ऐसे उद्यमियों की जन्म स्थली बनें जो दूसरों को नौकरी दे कर राष्ट्र की अर्थव्यवस्था को मजबूत करें।

JagranThu, 04 Mar 2021 10:13 PM (IST)

जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली :

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बृहस्पतिवार को विवेक विहार स्थित दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीटीयू) के पूर्वी परिसर में नए आडिटोरियम 'मंथन' का उद्घाटन किया। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी तलाशने के बजाय उद्यम स्थापित करें और दूसरों को रोजगार उपलब्ध कराने वाले बनें। लाकडाउन के बाद से देश में बेरोजगारी सबसे बड़ी समस्या बन गई है। हमारे विश्वविद्यालय ऐसे उद्यमियों की जन्म स्थली बनें, जो दूसरों को नौकरी दे कर राष्ट्र की अर्थव्यवस्था को मजबूत करें।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि उद्यमिता कौशल विकसित करने के लिए ही डीटीयू में पारिवारिक व्यवसाय एवं उद्यमिता पाठ्यक्रम शुरू किया गया है। इस पाठ्यक्रम से देश भर के व्यापारिक घरानों को लाभ होगा। जिस तरह से पारिवारिक व्यवसाय और उद्यमिता पाठ्यक्रम के लिए अमेरिका के बाबसन कालेज का अपना नाम है। वैसे ही चाहते हैं कि डीटीयू भी उस कालेज की तरह बने। दुनिया से लोग यहां पढ़ने आएं। उन्होंने कहा कि डीटीयू ने पिछले आठ दशकों में शिक्षा के साथ-साथ अनुसंधान के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम किया है। विकसित देशों के विश्वविद्यालय अपने राष्ट्र के बच्चों के कौशल को तो विकसित कर ही रहे हैं, दूसरे देशों के होनहार बच्चों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। वह इस तरह से अपने देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में योगदान दे रहे हैं। हमारे देश के विश्वविद्यालयों को भी इसी तरह काम करना होगा। इस मौके पर आंबेडकर विश्वविद्यालय की उप कुलपति प्रो. अनु सिंह लाथर, दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के उप कुलपति प्रो. योगेश सिंह, डीटीयू पूर्वी दिल्ली परिसर के निदेशक आरसी शर्मा, प्रोफेसर शमशेर सहित अन्य विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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मेरे पिता का प्रिंटिंग का व्यवसाय है। मैं अपने दोस्त के साथ मिलकर थ्रीडी प्रिटिग का व्यवसाय शुरू करना चाहता हूं। इससे मेडिकल के क्षेत्र में फायदा होगा।

- मनीष शर्मा, विद्यार्थी

---------- दो साल पहले एक रेस्तरां की शुरूआत की, लेकिन कोरोना काल में काफी नुकसान हुआ। इस कोर्स से मिले ज्ञान का उपयोग कर दोबारा से रेस्तरां शुरू कर दिया है।

- अमन गुप्ता, विद्यार्थी

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