शहादरा में 10 दिवसीय संस्कृत संभाषण शिविर का आयोजन

जागरण संवाददाता, पश्चिमी दिल्ली : संस्कृत शिक्षक संघ और दिल्ली संस्कृत अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में शहादरा में दस दिवसीय संस्कृत संभाषण शिविर का शुभारंभ किया गया। इसका प्रारंभ दीप प्रज्जवलन के साथ-साथ आरोह म्युजिकल्स के विद्यार्थियों द्वारा सरस्वती वंदना गाकर किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आए हुए दिल्ली संस्कृत अकादमी के सचिव डॉ. जीतराम भट्ट ने कहा कि संस्कृत भारत का मार्गदर्शन करने वाली भाषा है। भारत की भावी पीढ़ी को इसे अवश्य जानना चाहिए और पढ़ना चाहिए। इस दौरान उन्होंने बच्चों के साथ भी बात की और उन्हें संस्कृत की तरफ रुझान रखने के लिए प्रेरित किया। श्रुतिफनीस के द्वारा निर्देशित भारतम-भारतम गीत पर हुए कत्थक नृत्य ने सबका मन मोह लिया। संस्कृत शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. ब्रजेश गौतम ने कहा कि संस्कृत का भविष्य उज्जवल है, जिसका प्रमाण इस कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थी हैं। संस्कृत सभी वर्ग के लोगों की भाषा है। सभी को इसे सीखना चाहिए क्योंकि हमारे सभी शास्त्र संस्कृत में ही हैं।

संस्कृत शिक्षक संघ के महासचिव डॉ. विश्वंभर दयाल ने कहा कि आज संस्कृत केवल भारत में ही नहीं बल्कि विदेश में भी सीखी जा रही है। ऐसे में भारतवासियों को भी इसका महत्व समझना चाहिए। संघ के उपाध्यक्ष संदीप कुमार उपाध्याय ने संस्कृत भाषा को विज्ञान सम्मत भाषा कहा व छात्रों को इसमें शोध करने की सलाह दी।

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