केकेआर के सामने आसान शिकार, टॉस की भूमिका अहम

रांची। लगातार दो मैच जीतने के बाद गौतम गंभीर की अगुआई वाली केकेआर बुधवार को जब आईपीएल की सबसे कमजोर टीम पुणे वॉरियर्स से भिड़ेगी तो उसका पलड़ा भारी रहेगा। दोनों टीमों के बीच हुई पिछली भिड़ंत में केकेआर ने बाजी मारी थी। गत चैंपियन एक बार फिर ऑफ स्पिनर सुनील नरेन और अनुभवी हरफनमौला जैक्स कैलिस पर निर्भर होगी।

कैलिस और नरेन ने पिछले मैच में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलूर पर मिली जीत में अहम भूमिका निभाई थी। टीम का प्लेऑफ में पहुंच पाना नामुमकिन सा लग रहा है, लेकिन कोलकाता की टीम ने उम्मीद का दामन थाम रखा है और वह जीत दर्ज कर अपनी तरफ से पूरी कोशिश करना चाहती है। पिछले मैच में बल्ले और गेंद दोनों से बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले कैलिस ने कहा था कि जीत से केकेआर को प्लेऑफ में जगह बनाने के लगभग असंभव लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।

दूसरी ओर 12 मैच हार चुकी पुणे आखिरी चंद मैच जीतकर सम्मान के साथ विदा लेना चाहेगी लेकिन उसे पिच के अनुकूल खुद को ढालना होगा। यह उस तरह की पिच नहीं है जिस पर बड़े स्ट्रोक्स खेलना आसान हो। कैलिस ने यहां खेले गए पिछले मैच के बाद कहा था कि झारखंड क्रिकेट संघ अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम की पिच टी-20 के लिए आदर्श नहीं है। टॉस की भूमिका भी मैच में अहम होगी, क्योंकि पिच सीमित ओवरों के क्रिकेट के अनुकूल नहीं है।

पुणे ने खेल के हर विभाग में निराश किया है। रॉबिन उथप्पा और एंजेलो मैथ्यूज ही कुछ मैचों में अच्छा प्रदर्शन कर सके हैं। बल्लेबाज एक इकाई के रूप में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके हैं। सिर्फ सलामी बल्लेबाजों ने शीषक्रम में कुछ रन बनाए हैं। कप्तान एरोन फिंच और उथप्पा को छोड़कर कोई बल्लेबाज अर्धशतक नहीं बना सका। युवराज ने 11 मैचों में सिर्फ 205 रन बनाए हैं वहीं स्टीव स्मिथ कमर की चोट के कारण ऑस्ट्रेलिया लौट गए हैं। पुणे के लिए गेंदबाजी भी चिंता का सबब है खासकर डेथ ओवर। तेज गेंदबाज अशोक डिंडा काफी महंगे साबित हुए हैं।

मोबाइल पर ताजा खबरें, फोटो, वीडियो व लाइव स्कोर देखने के लिए जाएं m.jagran.com पर

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.