इस पूर्व दिग्गज ने कहा, संकेत साफ हैं अब डेविड वार्नर सनराइजर्स के लिए कभी खेलते नजर नहीं आएंगे

सीजन की शुरुआत में वह टीम के कप्तान थे। इसके बाद उनको टीम से निकाल दिया गया और कप्तानी भी ले ली गई। फिर जब ब्रेक के बाद टीम ने खेलना शुरू किया तो उनकी वापसी हुई लेकिन अब दोबारा से उनको टीम से बाहर कर दिया गया।

Viplove KumarTue, 28 Sep 2021 04:09 PM (IST)
सनराइजर्स हैदराबाद के ओपनर डेविड वार्नर (फोटो ट्विटर पेज)

नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। इंडियन प्रीमियर लीग के 14वें सीजन में हैदराबाद सनराइजर्स की टीम का प्रदर्शन अब तक बेहत खराब रहा है। 10 मुकाबले खेलने के बाद टीम के महज 2 जीत मिली है। पहले चरण के मुकाबलों में ही डेविड वार्नर के टीम ने कप्तानी से हटाकर केन विलियमसन को कमान दी थी। अब दूसरे चरण में उनको प्लेइंग इलेवन से भी बाहर कर दिया गया। पूर्व भारतीय आलराउंडर इरफान पठान ने कहा कि जैसे संकेत मिल रहे हैं टीम ने वार्नर को छोड़ भविष्य के लिए युवाओं पर निवेश करने का इरादा किया है।

पठान ने कहा, "देखिए, अब सनराइजर्स की टीम भविष्य की तरफ देख रही है, है ना ? यह डेविड वार्नर के लिए भी एक दम से साफ सिग्नल है, अब हम आपसे आगे की तरफ देख रहे हैं। यह बहुत ही आसान सी चीज है। सीजन की शुरुआत में वह टीम के कप्तान थे। इसके बाद उनको टीम से निकाल दिया गया और कप्तानी भी ले ली गई। फिर जब ब्रेक के बाद टीम ने खेलना शुरू किया तो उनकी वापसी हुई लेकिन अब दोबारा से उनको टीम से बाहर कर दिया गया। इसका मतलब एकदम से ही साफ है कि अब उनसे आगे की सोच रही है टीम।"

पठान ने आगे कहा, "प्रियम गर्ग प्लेइंग इलेवन में आए और अभिषेक शर्मा को भी जगह दी गई। वो बस अपने सबसे अच्छे खिलाड़ियों को आजमाना चाहते हैं जो सनराइजर्स हैदराबाद के लिए भविष्य में खेलने वाले हैं। जो कुछ भी मैंने आज देखा यह काफी कुछ सनराइजर्स हैदराबाद के लिए सकारात्मक रहा।"

मैच खत्म होने के बाद टीम के कोच ट्रेवर बेलिस ने कहा, "हम फाइनल में नहीं पहुंच सकते तो इसी वजह से एक फैसला लिया कि हम चाहते हैं हमारे सभी युवा खिलाड़ी अनुभव हासिल करें। यह अनुभव ना सिर्फ मैच का बल्कि मैदान पर समय बिताने का भी और यह सभी मैच खेलने के लिए मैदान पर भी कदम रखें।"

"हमारे पास कई ऐसे युवा खिलाड़ी हैं जिन्होंने मैदान पर कदम भी नहीं रखा है रिजर्व खिलाड़ी के तौर पर भी उनको मौका नहीं मिल पाया है। इसी वजह से हम यह चाहते थे कि उनको मौका दिया जाए मैदान पर जाएं और मैच खेलने का अनुभव हासिल करें। हो सकता है यह चीज अगले कुछ मुकाबलों तक जारी रहे। हमें एक या दो दिन में बैठकर इस एक टीम चुननी है जिसमें 18 खिलाड़ियों को शामिल किया जाए।"

 

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