विराट कोहली क्या इस वजह से अब छोड़ देंगें आरसीबी की कप्तानी, बढ़ गया है उनपर दवाब

IPL 2021 अगर भारत टी20 वर्ल्ड कप 2021 का खिताब जीत लेता है तो विराट कोहली एक नई ऊंचाई पर पहुंचकर कप्तानी छोड़ेंगे। अगर विराट की कप्तानी में भारत खिताब नहीं जीतता तो उन्हें हटाने की मांग जरूर होती।

Sanjay SavernFri, 17 Sep 2021 04:18 PM (IST)
आरसीबी के कप्तान विराट कोहली (एपी फोटो)

नई दिल्ली, आइएएनएस। विराट कोहली के भारतीय टीम की टी-20 प्रारूप की कप्तानी छोड़ने की घोषणा के बाद अब इस बारे में चर्चा की जा रही है कि क्या कोहली को रायल चैंलेंजर्स बैंगलुरु (आरसीबी) की कप्तानी भी छोड़ देनी चाहिए, क्योंकि आइपीएल में भी कार्यभार किसी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट से कम नहीं होता है। यह समझा जा रहा है कि इस साल अगर आरसीबी की टीम आइपीएल का खिताब जीतने में नाकाम रहती है तो हो सकता है कि कोहली आरसीबी की भी कप्तानी छोड़ देंगे।

बीसीसीआइ के एक पूर्व अधिकारी ने कहा, 'कोहली की ओर से यह कैसी घोषणा थी? क्या आपको लगता है कि कार्यभार की समस्या का हल हो गया है? मैंने कहीं पढ़ा था कि कोरोना महामारी के बाद दिसंबर 2020 के बाद से भारतीय टीम ने महज आठ टी-20 मुकाबले खेले हैं। मुझे लगता है कि आइपीएल के मैच ज्यादा खेले होंगे। आइपीएल में कप्तानी करना आसान बात नहीं है। यह टूर्नामेंट दिनोंदिन और मुश्किल होता जा रहा है और फ्रेंचाइजियों की उपेक्षा और बढ़ती जा रही है, तो क्या कोहली आरसीबी की कप्तानी भी छोड़ेंगे? कार्यभार की समस्या अभी भी खत्म नहीं हुई है।'

बल्लेबाजी में अपार सफलता हसिल करने के बाद भी कोहली सफेद गेंद के खेल में, खासतौर पर टी-20 क्रिकेट में कप्तान के तौर पर सफलता हासिल करने में नाकाम रहे हैं। कोहली का बतौर कप्तान आरसीबी के लिए बेहद खराब रिकार्ड रहा है। वह 2013 से कप्तानी कर रहे हैं पर अभी तक एक बार भी टीम को खिताब जीताने में सफल नहीं हुए हैं। 2016 के बाद आरसीबी की टीम ने पिछले साल प्लेआफ में क्वालीफाई किया था। 2017 और 2019 में वह अंक तालिका में सबसे नीचे रहे थे, जबकि 2018 में टीम छठे स्थान पर रही थी।

आइपीएल में कोहली के लिए 2016 का सत्र शानदार रहा था, उन्होंने उस दौरान 973 रन बनाए थे। उसके बाद सिर्फ 2018 में ही कोहली 500 रन के पार पहुंच सके थे। आइपीएल 2021 के सत्र में सात मैच में उनका 33 का औसत रहा है, जिसमें सिर्फ एक अर्धशतक शामिल है। कोहली को सबसे ज्यादा आलोचनाओं का सामना आइसीसी टूर्नामेंट में उनके फैसले लेने पर करना पड़ा है।

 

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