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बाबर आजम बुरे फंसे, महिला का उत्पीड़न और ब्लैकमेलिंग करने को लेकर FIR दर्ज किया गया

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के कप्तान बाबर आजम (एपी फोटो)

पाकिस्तान के एक कोर्ट ने गुरुवार को फेडरल इनवेस्टीगेशन एजेंसी यानी एफआइए को आदेश दिया कि वो पाकिस्तानी क्रिकेटर बाबर आजम पर हमीजा मुख्तार को ब्लैकमेल करने और उन्हें प्रताड़ित करने को लेकर एफआइआर दर्ज करे। हमिजा मुख्तार ने इससे पहले उन पर काफी आरोप लगाए थे। ।

Sanjay SavernThu, 18 Mar 2021 11:59 PM (IST)

नई दिल्ली, जेएनएन। पाकिस्तान क्रिकेट टीम के कप्तान बाबर आजम अब बुरी तरह से फंसते हुए नजर आ रहे हैं। पाकिस्तान के एक कोर्ट ने गुरुवार को फेडरल इनवेस्टीगेशन एजेंसी यानी एफआइए को आदेश दिया कि, वो पाकिस्तानी क्रिकेटर बाबर आजम पर हमीजा मुख्तार को ब्लैकमेल करने और उन्हें प्रताड़ित करने को लेकर एफआइआर दर्ज करे। हमिजा मुख्तार ने इससे पहले पाकिस्तानी क्रिकेटर पर शादी करने के बहाने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने का आरोप लगाया था। यही नहीं उन्होंने एफआइए में शिकायत दर्ज कराई थी कि, बाबर आजम के खिलाफ केस दर्ज कराने के बाद उन्हें दो अज्ञात व्यक्तियों के द्वारा धमकी दी गई थी। 

एक अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश ने गुरुवार को एफआइए को निर्धारित समय के भीतर बाबर आजम पर एक प्राथमिकी दर्ज करने और कानूनी औपचारिकताओं का पालन करने के लिए कहा। एफआइए की जांच में सामने आया कि, जिन दो नंबर से हमिजा मुख्तार को धमकी दी गई थी वो बाबर आजम से संबंधित थे और धमकी देने वाली महिलाओँ की पहचान मरियम अहमद और सलेमी बीबी के रूप में की गई। इसमें से सलेमी बीबी तीन बार नोटिस देने के बाद भी कोर्ट में हाजिर नहीं हुई तो वहीं मरियम ने दावा किया कि, वो शिकायतकर्ता को नहीं जानती है। वहीं मरियम जनवरी में अपने फोन के साथ कोर्ट में आत्मसमर्पण का वादा करने के बावजूद भी पेश नहीं हुई। 

18 जनवरी को बाबर आजम  के भाई फैसल कोर्ट में पेश हुए थे, लेेकिन उसके बाद पाकिस्तानी कप्तान का भी कोर्ट में पेश होना बाकी है। पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, नोमान मुहम्मद नईम ने दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद बाबर के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने के लिए नसीराबाद पुलिस स्टेशन के एसएचओ को निर्देश दिया था। हमिजा ने बाद में पुष्टि की थी कि प्राथमिकी नसीराबाद पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई है। इससे पहले, एक अन्य अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, आबिद रजा ने बाबर और उसके परिवार को हमीजा को परेशान नहीं करने का आदेश दिया था। 

वहीं दूसरी तरफ दिसंबर 2020 में, बाबर आजम ने आरोप लगाया था कि पीड़ित होने का दावा करने वाली महिला उसे ब्लैकमेल कर रही थी और धोखाधड़ी और उत्पीड़न के आरोपों को वापस लेने के लिए 10 मिलियन रुपये की मांग कर रही थी। जबकि पीड़िता ने आरोप लगाया था कि बाबर आजम ने पाकिस्तान की राष्ट्रीय टीम में अपनी जगह बनाने से पहले कई बार उसका शोषण किया था।

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