एशेज टेस्ट सीरीज के पहले मैच में ब्रिसबेन में एक-दूसरे को आजमाएंगे आस्ट्रेलिया व इंग्लैंड

2020-21 के भारत के आस्ट्रेलिया दौरे के बाद से आस्ट्रेलियाई टीम ने कोई टेस्ट सीरीज नहीं खेली है और तब से आस्ट्रेलिया क्रिकेट कई उतार-चढ़ाव के दौर से गुजरा है। वहीं इंग्लैंड की निगाह 11 साल पुराने प्रदर्शन को दोहराने पर होगी।

Sanjay SavernTue, 07 Dec 2021 08:13 PM (IST)
आस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के कप्तान पैट कमिंस और जो रूट (एपी फोटो)

ब्रिसबेन, एपी। तेज गेंदबाज पैट कमिंस की अगुआई में आस्ट्रेलिया बुधवार से शुरू होने वाली एशेज सीरीज में अपने नए क्रिकेट युग की शुरुआत करने उतरेगा। 2020-21 के भारत के आस्ट्रेलिया दौरे के बाद से आस्ट्रेलियाई टीम ने कोई टेस्ट सीरीज नहीं खेली है और तब से आस्ट्रेलिया क्रिकेट कई उतार-चढ़ाव के दौर से गुजरा है। वहीं, इंग्लैंड की निगाह 11 साल पुराने प्रदर्शन को दोहराने पर होगी, जब उसने पिछली बार आस्ट्रेलियाई धरती पर सीरीज जीती थी।

दोनों टीमों के लिए ऐतिहासिक एशेज सीरीज की शुरुआत अनुकूल नहीं रही। इंग्लैंड की टीम नस्ली टिप्पणियों के आरोपों के साये में यहां पहुंची है, जबकि आस्ट्रेलिया के कप्तान टिम पेन को अपनी सहयोगी को अश्लील संदेश भेजने के कारण न सिर्फ अपना पद छोड़ना पड़ा, बल्कि वह अनिश्चितकाल के लिए अवकाश पर चले गए। यही नहीं, खराब मौसम के कारण दोनों टीमों को पर्याप्त अभ्यास का मौका भी नहीं मिला। अब दोनों टीमें इन बातों को पीछे छोड़कर एशेज की दशकों पुरानी परंपरा और प्रतिद्वंद्विता में नए अध्याय को जोड़ने के लिए मैदान पर उतरेंगी।

1956 के बाद कोई तेज गेंदबाज करेगा आस्ट्रेलिया की कप्तानी : आस्ट्रेलिया ने पेन के हटने के बाद कमिंस को कप्तानी सौंपी है और यह 1956 के बाद पहला अवसर होगा, जबकि कोई तेज गेंदबाज उसकी कमान संभालेगा। पेन के अनिश्चितकाल के अवकाश पर चले जाने से विकेटकीपर एलेक्स कैरी को टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण का मौका मिला है। कैरी पर्याप्त अनुभवी हैं। उन्होंने 45 वनडे और 38 टी-20 मैच खेले हैं और सीमित ओवरों में आस्ट्रेलिया की अगुआई भी कर चुके हैं। आस्ट्रेलिया के आक्रमण में हालांकि वे चारों गेंदबाज शामिल हैं जिन्होंने चार साल पहले टीम की 4-0 से जीत में अहम भूमिका निभाई थी। मिशेल स्टार्क को झाई रिचर्डसन पर प्राथमिकता मिलने से यह तय है कि वह जोश हेजलवुड के साथ नई गेंद संभालेंगे। कमिंस और आफ स्पिनर नाथन लियोन आस्ट्रेलियाई आक्रमण के अन्य प्रमुख स्तंभ है। कैमरून ग्रीन आलराउंडर की भूमिका निभाएंगे।

आस्ट्रेलिया ने घोषित कर दी अंतिम एकादश : आस्ट्रेलिया ने रविवार को ही अपनी अंतिम एकादश घोषित कर दी थी। उसने पारी का आगाज करने के लिए डेविड वार्नर के साथ मार्कस हैरिस को रखा है। वार्नर पिछले 23 महीनों में केवल दो टेस्ट मैच खेल पाए हैं, लेकिन टी-20 विश्व कप की शानदार फार्म से उनका आत्मविश्वास बढ़ा होगा। मार्नस लाबुशाने और अनुभवी स्टीव स्मिथ मध्यक्रम की जिम्मेदारी संभालेंगे, जिसमें ट्रेविस हेड उनका साथ देंगे। हेड को उस्मान ख्वाजा पर प्राथमिकता दी गई है। वह शेफील्ड शील्ड की अपनी शानदार फार्म को बरकरार रखने की कोशिश करेंगे।

पहले टेस्ट में नहीं खेलेंगे एंडरसन : इंग्लैंड ने आस्ट्रेलिया में पिछली सीरीज 2010-11 में 3-1 से जीती थी। जेम्स एंडरसन और स्टुअर्ट ब्राड उस सीरीज का भी हिस्सा थे और फिर से इंग्लैंड के आक्रमण की कमान इन दोनों के हाथों में होगी। इंग्लैंड ने हालांकि छह सप्ताह के अंदर पांच टेस्ट मैचों के आयोजन को देखते हुए कार्यभार प्रबंधन नीति के तहत एंडरसन को पहले टेस्ट मैच में विश्राम देने का फैसला किया है, ताकि वह एडिलेड में होने वाले दूसरे डे-नाइट टेस्ट के लिए पूरी तरह तैयार हो सकें।

इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने कहा, 'जिम्मी (एंडरसन) खेलने के लिए फिट हैं और उन्हें किसी तरह की चोट नहीं है। छह सप्ताह के अंदर पांच टेस्ट मैच खेलने हैं और ऐसे में उन्हें एडिलेड में होने वाले दूसरे टेस्ट के लिए तैयार रखना है।' यह निर्णय इंग्लैंड की खराब मौसम के कारण सीमित तैयारियों को देखकर भी लिया गया है। ईसीबी की ओर से कहा गया, 'हमें दौरे में अब तक सीमित अभ्यास का मौका मिला है तथा वह (एंडरसन) और टीम प्रबंधन किसी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहते हैं, विशेषकर 2019 में एजबेस्टन में जो कुछ हुआ उसे देखते हुए, जब वह मैच की पहली सुबह ही चोटिल हो गए थे।' ऐसे में इंग्लैंड का आक्रमण ब्राड, मार्क वुड, क्रिस वोक्स और ओली राबिनसन संभालेंगे। बेन स्टोक्स की वापसी से इंग्लैंड की टीम में संतुलन स्थापित हुआ है, लेकिन उन्होंने लंबे समय से प्रतिस्पर्धी मैच नहीं खेला है।

रूट को निभानी होगी अहम भूमिका : इंग्लैंड को अगर सीरीज जीतनी है तो रोरी ब‌र्न्स को शीर्षक्रम में, जबकि कप्तान रूट को मध्यक्रम में अहम भूमिका निभानी होगी। रूट अभी अच्छी फार्म में चल रहे हैं और अगर वह उसे बरकरार रखते हैं तो आस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के लिए सिर दर्द बन सकते हैं। ब्रिसबेन के गाबा मैदान पर इंग्लैंड ने 1986-87 के बाद कोई मैच नहीं जीता है, लेकिन रूट पहले ही कह चुके हैं कि उनकी टीम भारत के प्रदर्शन से प्रेरणा लेगी, जिसने इस साल के शुरू में इस मैदान पर आस्ट्रेलिया का अजेय अभियान रोका था।

टीमें :

आस्ट्रेलिया (अंतिम एकादश) : पैट कमिंस (कप्तान), डेविड वार्नर, मार्कस हैरिस, मार्नस लाबुशाने, स्टीव स्मिथ, ट्रेविस हेड, कैमरून ग्रीन, एलेक्स कैरी (विकेटकीपर), मिशेल स्टार्क, नाथन लियोन, जोश हेजलवुड।

इंग्लैंड : जो रूट (कप्तान), रोरी ब‌र्न्स, हसीब हमीद, जैक क्राउले, डेविड मालन, बेन स्टोक्स, ओली पोप, जानी बेयरस्टो, जोस बटलर (विकेटकीपर), डोम बेस, क्रिस वोक्स, ओली राबिनसन, मार्क वुड, स्टुअर्ट ब्राड, जैक लीच में से।

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