आदित्य वर्मा ने बीसीसीआइ के अध्यक्ष गांगुली को दी चेतावनी, कहा- नहीं किया ऐसा तो जाऊंगा कोर्ट

आदित्य वर्मा ने अपने पत्र में गांगुली की ओर इशारा किया कि अगर वह ऐसे ही सुप्रीम कोर्ट के आदेशों और बिहार क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा किए जा रहे उल्लंघनों पर आंखें बंद रखते हैं तो वह भी सुप्रीम कोर्ट की अवमानना के दायरे में आएंगे।

Sanjay SavernMon, 20 Sep 2021 08:34 PM (IST)
बीसीसीआइ के अध्यक्ष सौरव गांगुली (एपी फोटो)

जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। आइपीएल स्पाट फिक्सिंग के याचिकाकर्ता और क्रिकेट एसोसिएशन आफ बिहार के सचिव आदित्य वर्मा ने बीसीसीआइ के अध्यक्ष सौरव गांगुली को पत्र लिखकर उनसे बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (बीसीए) द्वारा किए जा रहे उल्लंघनों पर गौर करने को कहा है। उन्होंने गांगुली को चेताया कि अगर वह ऐसा नहीं करते हैं, तो उन्हें मजबूरी में कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा।

वर्मा ने अपने पत्र में गांगुली की ओर इशारा किया कि अगर वह ऐसे ही सुप्रीम कोर्ट के आदेशों और बिहार क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा किए जा रहे उल्लंघनों पर आंखें बंद रखते हैं, तो वह भी सुप्रीम कोर्ट की अवमानना के दायरे में आएंगे। उन्होंने पत्र में लिखा, 'मैंने आपसे बार-बार अनुरोध किया है कि आप नियमों का उल्लंघन करने वाले बीसीए के पदाधिकारियों पर कार्रवाई करें और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन ना करें, लेकिन आज तक, आपकी ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई अगर इस पत्र के बाद भी आप बिहार क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा किए जा रहे नियमों के उल्लंघन पर आंखें बंद का फैसला करते हैं, तो मेरे पास बिहार के क्रिकेट और खिलाडि़यों के न्याय के लिए कोर्ट जाने के लिए अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।'

उन्होंने लिखा, 'मैं कई बार इस विषय को ध्यान में लाया हूं। अध्यक्ष राकेश तिवारी ने बीसीए सचिव संजय कुमार को हटाने के बाद संयुक्त सचिव कुमार अरविंद को भी पद से हटा दिया। ऐसे में बीसीए के जिला सदस्यों ने क्रिकेट गतिविधि चलाने के लिए अलग-अलग समूह का गठन किया और वो अलग-अलग बैठकें भी कर रहे हैं वो अपनी टीम चुन रहे हैं। ऐसे में खिलाडि़यों का भविष्य अधर में लटक गया है।' उन्होंने इस बात पर भी सवाल उठाए कि बीसीसीआइ के मना करने के बावजूद बीसीए ने कैसे बिहार क्रिकेट लीग का आयोजन कर लिया। उनके खिलाफ क्यों नहीं कार्रवाई हुई?

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