...तो क्या तय हो गया कि इस बार भी Asia Cup भारत ही जीतेगा?

नई दिल्ली, [जागरण स्पेशल]। इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज़ हारने के बाद टीम इंडिया के लिए अगला चैलेंज एशिया कप है। ये टूर्नामेंट 15 सितंबर से यूएई में खेला जाएगा। एशिया कप के लिए इस बार भारतीय टीम की कमान रोहित शर्मा को सौंपी गई है, क्योंकि इंग्लैंड के लंबे दौरे के बाद विराट कोहली को आराम दिया गया है। टीम इंडिया एशिया कप की डिफेंडिंग चैंपियन है और इस बार भी भारतीय टीम को इस टूर्नामेंट का प्रबल दावेदार माना जा रहा  है। टीम इंडिया की इस दावेदारी को प्रबल कर रहा है एक संयोग। तो चलिए आपको बताते हैं कि क्या है वो संयोग जो इस तरफ इशारा कर रहा है कि इस बार भी एशिया कप की ट्रॉफी टीम इंडिया ही उठाएगी।

भारत जीतेगा एशिया कप 2018!

एशिया कप का आगाज़ 1984 में हुआ था। पहला एशिया कप भी यूएई में ही खेला गया था और इस बार भी ये टूर्नामेंट वहीं खेला जाएगा। यूएई में ये तीसरा मौका होगा जब इस टूर्नामेंट का आयोजन किया जाएगा। 1984 के बाद 1995 में भी एशिया कप यूएई में ही हुआ। खास बात ये है कि जब भी एशिया कप यूएई की धरती पर खेला जाता है, तो इस टूर्नामेंट का विजेता भारत ही बनता है। 1984 में भी भारत ने ही खिताब जीता था और 1995 में भी टीम इंडिया ही इस खिताब की चैंपियन बनी। 

एक और मजेदार बात है और वो ये कि जब भी यूएई में ये टूर्नामेंट खेला जाता है तो खिताबी मुकाबला हमेशा ही भारत और श्रीलंका के बीच खेला जाता है।

 

भारत ने जीते सबसे ज़्यादा एशिया कप

इस टूर्नामेंट को भारत सबसे ज्यादा 6 बार जीत चुका है, इसके साथ ही वह डिफेंडिंग चैंपियन भी है। भारत ये खिताब 1984, 1988, 1990/1991, 1995, 2010 और 2016 में अपने नाम कर चुका है। पिछली बार में ये टूर्नामेंट टी-20 फॉर्मेट में खेला गया था, लेकिन इसके अलावा हमेशा ही इसे वनडे फॉर्मेट में खेला गया है। इस बार भी एशिया कप 50-50 ओवर के फॉर्मेट में खेला जाएगा।

श्रीलंका ने भी पांच बार जीता खिताब

भारत के बाद नंबर आता है श्रीलंका का। श्रीलंका  की टीम 5 बार इस टूर्नामेंट पर अपना कब्ज़ा जमा चुकी है। श्रीलंका 1986, 1997, 2004, 2008 और 2014 में एशियाई चैंपियन बना है। आपको बता दें कि भारत ने साल 1986 में हुए एशिया कप में हिस्सा नहीं लिया था।

वहीं भारत के कट्टर विरोधी पाकिस्तान ने दो बार एशिया कप का खिताब अपने नाम किया। पाकिस्तान ने 2000 और 2012 में एशिया कप की ट्रॉफी को उठाया था। 

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