T20 World Cup के इतिहास में इन खिलाड़ियों ने किया है दमदार प्रदर्शन, विराट कोहली भी इनमें शामिल

भारतीय कप्तान विराट कोहली ने अभी तक आइसीसी पुरुष टी-20 विश्व कप का खिताब नहीं जीता है। उन्होंने अब तक टूर्नामेंट में खेले 16 मैचों में 86.33 के बेहतरीन औसत से 777 रन बनाए हैं। टूर्नामेंट में उन्होंने अपनी आधी से ज्यादा पारियों में अर्धशतक जड़े हैं।

Sanjay SavernTue, 19 Oct 2021 06:58 PM (IST)
टीम इंडिया के बल्लेबाज विराट कोहली (एपी फोटो)

नई दिल्ली, जेएनएन। आइसीसी पुरुष टी-20 विश्व कप में कुछ खिलाड़ी ऐसे भी रहे हैं जिन्होंने किसी एक या दो संस्करणों में नहीं, बल्कि जितने भी संस्करण में वे खेले तो उन्होंने अपने प्रदर्शन का लोहा मनवाया है। वे टूर्नामेंट के सबसे बड़े खिलाड़ी के तौर पर उभर कर सामने आए हैं। ऐसे खिलाड़ियों में विराट कोहली, क्रिस गेल और शाकिब अल हसन भी शामिल हैं जो इस बार भी कोई कसर नहीं छोड़ना चाहेंगे, तो शाहिद अफरीदी और एबी डिविलियर्स जैसे दिग्गज भी हैं जो अब क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं। आइए, जानते हैं ऐसे ही कुछ खिलाड़ियों के बारे में जिनका प्रदर्शन आइसीसी टी-20 विश्व कप में इतिहास में बाकी खिलाड़ियों पर भारी पड़ा है। 

1- शाहिद अफरीदी, पाकिस्तान

पाकिस्तान के शाहिद अफरीदी 39 विकेटों के साथ आइसीसी पुरुष टी-20 विश्व कप के इतिहास में सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। उन्होंने गेंद के साथ बल्ले से भी शानदार प्रदर्शन किया है। वह 546 रन के साथ सर्वाधिक रन बनाने वाले शीर्ष-15 बल्लेबाजों में शामिल हैं। उन्होंने टूर्नामेंट में 34 मैच खेले हैं और उनसे ज्यादा मैच खेलने वाले खिलाड़ी सिर्फ श्रीलंका के तिलकरत्ने दिलशान (35 मैच) हैं। 

2- शाकिब अल हसन, बांग्लादेश

बांग्लादेश के शाकिब अल हसन टी-20 विश्व कप में अपनी छाप छोड़ने वाले अकेले ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्हें कभी टूर्नामेंट के इतिहास में सेमीफाइनल भी खेलने का मौका नहीं मिला। वह 2021 में खेल रहे उन आठ खिलाडि़यों में से एक हैं, जो टूर्नामेंट के उद्घाटन सत्र में भी खेले थे। शाकिब ने 25 मैचों में 567 रन बनाने के अलावा 30 विकेट भी लिए हैं। वह अफरीदी के बाद टूर्नामेंट में कम से कम 500 रन बनाने और 30 विकेट लेने वाले एकमात्र खिलाड़ी हैं। 

3- सैमुअल बद्री, वेस्टइंडीज

वेस्टइंडीज ने 2012 से 2016 के बीच के दो बार खिताब जीता और इसमें उसके स्पिनर सैमुअल बद्री का खास योगदान रहा। 15 मैचों में 24 विकेटों के साथ उनकी गेंदबाजी औसत 13.58 है, जो टूर्नामेंट के इतिहास में सर्वश्रेष्ठ है। 

4- एबी डिविलियर्स, दक्षिण अफ्रीका

एबी डिविलियर्स न सिर्फ दक्षिण अफ्रीका के, बल्कि पूरे विश्व के महानतम खिलाडि़यों में शामिल हैं। वह आइसीसी पुरुष टी-20 विश्व कप में 30 मैचों में 717 रन के साथ टूर्नामेंट के इतिहास में शीर्ष-पांच बल्लेबाजों में शामिल हैं, जिनमें से सिर्फ क्रिस गेल (146.73) का स्ट्राइक रेट डिविलियर्स (143.4) से बेहतर है। उन्होंने क्षेत्ररक्षक के रूप में 23 कैच लपके हैं, जो टूर्नामेंट में किसी अन्य खिलाड़ी से आठ अधिक हैं। वह विकेटकीपर के रूप में भी सात कैच लपक चुके हैं, जबकि दो खिलाडि़यों को उन्होंने स्टंप आउट किया है। 

5- तिलकरत्ने दिलशान, श्रीलंका

साल 2021 टूर्नामेंट के इतिहास में पहला मौका होगा, जब श्रीलंका के तिलकरत्ने दिलशान टी-20 विश्व कप का हिस्सा नहीं होंगे। उन्होंने टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा 35 मैच खेले हैं। दिलशान 897 रनों के साथ टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में तीसरे स्थान पर हैं। उन्होंने 2009 के संस्करण में क्रिकेट को दिलस्कूप के नाम से एक नया शाट दिया। 

6- क्रिस गेल, वेस्टइंडीज

वेस्टइंडीज के क्रिस गेल ने अब तक खेले गए दो फाइनल में तीन और चार रन बनाए हैं, लेकिन विंडीज ने दोनों में जीत हासिल की है। उन्होंने टूर्नामेंट में खेले अन्य 26 मैचों में 913 रन बनाए हैं। वह टूर्नामेंट के इतिहास में 920 रन के साथ महेला जयवर्धने (1016) के बाद दूसरे स्थान पर हैं। विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए जाने जाने वाले गेल ने टूर्नामेंट में 60 छक्के लगाए हैं और जो दूसरे नंबर पर काबिज युवराज सिंह (33) से लगभग दोगुने हैं। वह आइसीसी पुरुष टी-20 विश्व कप में दो शतक लगाने वाले एकमात्र खिलाड़ी हैं। 

7- महेला जयवर्धने, श्रीलंका

आइसीसी पुरुष टी-20 विश्व कप में श्रीलंकाई दिग्गज महेला जयवर्धने 1000 रन बनाने वाले एकमात्र बल्लेबाज हैं। वह 2007 से 2014 के दौरान टूर्नामेंट के प्रत्येक संस्करण में खेले। उनके नाम 31 मैचों में 116 रन दर्ज हैं। अपने अंतिम संस्करण में उन्होंने श्रीलंका को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई। 

8- विराट कोहली, भारत

भारतीय कप्तान विराट कोहली ने अभी तक आइसीसी पुरुष टी-20 विश्व कप का खिताब नहीं जीता है। उन्होंने अब तक टूर्नामेंट में खेले 16 मैचों में 86.33 के बेहतरीन औसत से 777 रन बनाए हैं। टूर्नामेंट में उन्होंने अपनी आधी से ज्यादा पारियों में अर्धशतक जड़े हैं और उनके जैसी निरंतरता जैसा दूसरा खिलाड़ी नजर नहीं आया है। वह पिछले दो संस्करणों में मैन आफ द टूर्नामेंट चुने गए थे। दोनों ही बार उन्होंने 100 से ज्यादा की औसत के साथ रन बनाए। 

9- लसित मलिंगा, श्रीलंका

टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास के सबसे सफल गेंदबाज लसित मलिंगा आइसीसी पुरुष टी-20 विश्व कप में सर्वाधिक विकेट लेने के मामले में शाहिद अफरीदी के बाद दूसरे पायदान पर हैं। यार्कर फेंकने में माहिर मलिंगा अंतिम ओवरों के बेहतरीन गेंदबाज थे, जो मैचों के निर्णायक क्षणों में पैर के अंगूठे पर गेंद डालकर विकेट चटकाने में सक्षम थे। उनके नाम 31 मैचों में 38 विकेट दर्ज हैं। वह उस टीम के कप्तान थे, जिसने 2014 में महेला जयवर्धने और कुमार संगकारा की मौजूदगी में खिताब जीता था। 

10- केविन पीटरसन, इंग्लैंड

--कैरेबियाई सरजमीं पर 2010 में हुए आइसीसी पुरुष टी-20 विश्व कप में इंग्लैंड की खिताबी जीत में केविन पीटरसन का अहम योगदान रहा। पीटरसन ने टूर्नामेंट के इतिहास में सिर्फ 15 मैचों में 580 रन बनाए हैं। अगर कम से कम 10 पारी खेलने की बात करें तो पीटरसन के 44.61 के औसत से ज्यादा सिर्फ कोहली और माइक हसी का औसत है। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी की वजह से इंग्लैंड 2010 में खिताब अपने नाम किया और उन्हें मैन आफ द टूर्नामेंट से नवाजा गया।

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