टीम इंडिया का दौरा संकट में, साउथ अफ्रीका में कोरोना वायरस के नए स्वरूप ने रोके खेल

Covid 19 variant युनाइटेड रग्बी चैंपियनशिप (यूआरसी) में चार रग्बी टीमें खेलने वाली थी लेकिन वेल्श क्लब कार्डिफ और स्कारलेट ने कहा कि वे इसे छोड़ना चाह रहे थे क्योंकि ब्रिटेन शुक्रवार से यात्रा प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहा था।

Viplove KumarPublish:Fri, 26 Nov 2021 09:53 PM (IST) Updated:Sat, 27 Nov 2021 09:18 AM (IST)
टीम इंडिया का दौरा संकट में, साउथ अफ्रीका में कोरोना वायरस के नए स्वरूप ने रोके खेल
टीम इंडिया का दौरा संकट में, साउथ अफ्रीका में कोरोना वायरस के नए स्वरूप ने रोके खेल

केपटाउन, रायटर। भारतीय क्रिकेट टीम को अगले महीने न्यूजीलैंड की सीरीज के बाद साउथ अफ्रीका का दौरा करना है। भारतीय टीम 3 टेस्ट, 3 वनडे और चार टी20 मुकाबले खेलेगी। 17 दिसंबर से शुरू होने वाली इस सीरीज से पहले दौरे पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। कोरोना वायरस के नए वैरिएंट के सामने आने की वजह से दक्षिण अफ्रीका में खेल पर विराम लग गया है।स

दक्षिण अफ्रीकी में नए कोरोना वायरस स्वरूप का पता लगने के कारण शुक्रवार को खेलों को रोकना पड़ा, जिसके चलते रग्बी टीमों को यात्रा प्रतिबंध लगने से पहले वहां से रवाना होना पड़ा और गोल्फ के नए डीपी विश्व टूर के पहले आयोजन पर खतरा मंडराने लगा। युनाइटेड रग्बी चैंपियनशिप (यूआरसी) में चार रग्बी टीमें खेलने वाली थी, लेकिन वेल्श क्लब कार्डिफ और स्कारलेट ने कहा कि वे इसे छोड़ना चाह रहे थे क्योंकि ब्रिटेन शुक्रवार से यात्रा प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहा था।

कार्डिफ ने ट्विटर पर कहा, 'दक्षिण अफ्रीका में स्थिति इतनी तेजी से बदलने के साथ अब हम अपने कर्मचारियों को जल्द से जल्द वापस लाना चाहते हैं। संबंधित परिवारों और दोस्तों के लिए कृपया निश्चिंत रहें कि हमारा ध्यान अपने लोगों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने पर है और हम आपको किसी भी घटनाक्रम से अपडेट रखेंगे।'

स्कारलेट ने कहा कि वे भी जल्द से जल्द जाने की कोशिश कर रहे हैं। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि यूआरसी खेलों को बंद कर दिया जाएगा, जिसकी घोषणा बाद में होने की उम्मीद है। कार्डिफ को रविवार को जोहानिसबर्ग में लायंस से खेलना था, जबकि स्कारलेट को शनिवार को डरबन में शार्क का सामना करना था।गोल्फ के जाबबर्ग ओपन का पहला दौर शुक्रवार को सुबह छह बजे शुरू हुआ। दूसरा दौर सुबह सात बजे शुरू हुआ, लेकिन तब तक 15 ब्रिटिश और आयरिश गोल्फर नाम वापस ले चुके थे।