Happy birth day: 82 साल के हुए पूर्व भारतीय विकेटकीपर फारुख इंजीनियर

पूर्व भारतीय विकेटकीपर फारुख इंजीनियर - फाइल फोटो

1959 से 1975 तक मुंबई की टीम की तरफ से फर्स्टक्लास क्रिकेट खेलने वाले फारुख ने अपनी विकेटकीपर से अलग पहचान बनाई थी। 1 दिसंबर 1961 में फारुख को भारत की तरफ से टेस्ट डेब्यू करने का मौका मिला। इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने अपना पहला टेस्ट मैच खेला था।

Viplove KumarThu, 25 Feb 2021 04:04 PM (IST)

नई दिल्ली, जेएनएन। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व विकेट कीपर बल्लेबाज फारुख इंजीनियर का आज 82वां जन्मदिन है। 25 फरवरी 1938 को जन्में फारुख पारसी परिवार की तरफ से भारत के लिए मैच खेलने वाले आखिरी पुरुष खिलाड़ी रहे। इसके बाद किसी भी पारसी समुदाय के खिलाड़ी ने टीम इंडिया तक का सफर नहीं तय किया।

1959 से 1975 तक मुंबई की टीम की तरफ से फर्स्टक्लास क्रिकेट खेलने वाले फारुख ने अपनी विकेटकीपर से अलग पहचान बनाई थी। 1 दिसंबर 1961 में फारुख को भारत की तरफ से टेस्ट डेब्यू करने का मौका मिला। इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने अपना पहला टेस्ट मैच खेला था। 23 जनवरी 1975 में वेस्टइंडीज के खिलाफ आखिरी बार वह किसी टेस्ट मैच में खेलने उतरे थे। फारुख का वनडे डेब्यू जुलाई 1974 में इंग्लैंड के खिलाफ हुआ था और आखिर मैच उन्होंने जून 1975 में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला।

फारुख ने भारत की तरफ से कुल 46 टेस्ट और 5 वनडे मुकाबले खेले थे। टेस्ट में उनके नाम 31 की औसत से 2611 रन हैं तो वहीं वनडे में उन्होंने 114 रन बनाए थे। टेस्ट में फारुख ने दो शतक और 16 अर्धशतकीय पारी खेली थी। फर्स्टक्लास क्रिकेट की बात करें तो 335 मैच खेलते हुए उन्होंने कुल 13 हजार 436 रन बनाए हैं। यहां उनके नाम कुल 13 शतक और 69 अर्धशतकीय पारी रही। 

विराट-अनुष्का पर बयान से हुआ विवाद

कोरोना महामारी फैलने के बाद लॉक डाउन के बाद इंडियन प्रीमियर लीग में बल्लेबाजी में असफल रहने के बाद पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर की समर्थन कर फारुख चर्चा में आए थे। गावस्कर ने कहा था कि लगता है कोहली ने लॉकडाउन में घर पर रहते हुए अनुष्का की गेंदबाजी का  सामना किया था। फारुख ने अपना साथी खिलाड़ी का समर्थन किया था। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया के दौरे से पहला टेस्ट मैच खेलकर पितृत्व अवकाश लेकर भारत लौटने पर उनका आलोचना की थी। फारुख ने कहा था कि इन दिनों प्रेग्नेंसी के वक्त पत्नी के साथ रहना नया ट्रेंड बन गया है। जब हम भारत के लिए खेलते थे तब ऐसा कुछ नहीं होता था। 

 

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