ICC World Test Championship के खिताब के लिए आग और पानी में होगी टक्कर

ICC World Test Championship के फाइनल में आग और पानी की लड़ाई इसलिए है क्योंकि एक तरफ आक्रामक विराट कोहली होंगे तो वहीं दूसरी ओर शांतचित्त केन विलियमसन उनकी रणनीति को भेदने की कोशिश करेंगे। ये मैच आज से होने वाला है।

Vikash GaurFri, 18 Jun 2021 07:34 AM (IST)
Virat Kohli vs Kane Williamson (फोटो ICC ट्विटर)

नई दिल्ली, अभिषेक त्रिपाठी। भारत और न्यूजीलैंड की टीमें शुक्रवार से साउथैंप्टन में आमने-सामने होंगी तो सबकी नजरें दोनों टीमों के कप्तान विराट कोहली और केन विलियमसन पर होंगी। जहां भारतीय कप्तान आग की तरह गर्म और आक्रामक हैं तो कीवी कप्तान पानी की तरह अविरल और शीतल हैं। दोनों 2008 में मलेशिया में अंडर-19 विश्व कप सेमीफाइनल और 2019 में इंग्लैंड में हुए वनडे विश्व कप सेमीफाइनल में एक-दूसरे के आमने-सामने आ चुके हैं। अंडर-19 में विराट की कप्तानी में भारतीय टीम ने विलियमसन की टीम को तीन विकेट से हराया था तो वनडे विश्व कप में विलियमसन की कप्तानी वाली टीम ने भारत को 18 रनों से हराया था। दोनों ही कप्तानों को सीनियर वर्ग में आइसीसी की पहली ट्राफी का इंतजार है। कप्तान कोहली अंडर-19 विश्व कप की ट्राफी जरूर अपने नाम कर चुके हैं, लेकिन सीनियर वर्ग में चैंपियंस ट्राफी और वनडे विश्व कप में वह खिताब जीतने से महरूम रहे।

कोहली की प्रतिष्ठा का सवाल

जहां तक कोहली का सवाल है तो भारत के सबसे सफल टेस्ट कप्तान और दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में होने के बावजूद वह आइसीसी खिताब अपने नाम करने से महरूम रहे। बतौर कप्तान उन्होंने अपना लोहा मनवाया है, लेकिन कप्तानी को लेकर उनकी लगातार अपने पूर्ववर्ती महेंद्र सिंह धौनी से तुलना होती रही है, जिनके नाम टी-20 विश्व कप, वनडे विश्व कप और चैंपियंस ट्राफी के रूप में तीन-तीन आइसीसी ट्राफी जीतने का रिकार्ड है। कोहली इस फाइनल के जरिये इस कमी को दूर करना चाहेंगे।

विलियमसन ने जीते हैं दिल

दूसरी ओर विलियमसन क्रिकेट के भद्रजन कहलाते हैं, जो अपने खेल और आचरण से दिल जीतते आए हैं। हालांकि, कोहली की तरह ही उन्होंने भी अपनी कप्तानी में कोई आइसीसी ट्राफी नहीं जीती है, लेकिन कीवी टीम उनकी कप्तानी में 2019 में वनडे विश्व कप के फाइनल में पहुंची थी और उसे वहां पर मैच और दो सुपर ओवर टाई रहने के बाद इंग्लैंड के खिलाफ बाउंड्री की गिनती के आधार पर हार का सामना करना पड़ा था। उस फाइनल के बाद तो शायद ही कोई क्रिकेटप्रेमी होगा, जो उनका मुरीद नहीं हो।

अच्छी शुरुआत जरूरी

फाइनल मैच का अपना ही दबाव होता है और भारतीय पारी की शुरुआत करने जा रहे रोहित शर्मा और शुभमन गिल से बेहतर इसे कौन समझ सकता है। दोनों को टिम साउथी और ट्रेंट बोल्ट की नई गेंद का सामना करना होगा। रोहित की तकनीक और तेवर की असली परीक्षा इस फाइनल और उसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में होगी। दूसरी ओर, न्यूजीलैंड के सलामी बल्लेबाज और नए सितारे डेवोन कोनवे को जसप्रीत बुमराह और मुहम्मद शमी का सामना करना होगा। कोनवे के जोड़ीदार के रूप में टाम लाथम रहेंगे, जिन्होंने हाल में इंग्लैंड के खिलाफ विलियमसन की गैरमौजूदगी में दूसरे टेस्ट में कप्तानी करते हुए ना सिर्फ मैच जीता, बल्कि न्यूजीलैंड को सीरीज भी जिताई।

मध्यक्रम का दारोमदार

मध्य क्रम में भारत के पास चेतेश्वर पुजारा, कप्तान कोहली और उप कप्तान अजिंक्य रहाणे हैं, जिन्हें आउट करना किसी भी आक्रमण के लिए आसान नहीं होता। आस्ट्रेलिया के बाद पुजारा को यहां भी शार्ट गेंदों को शरीर पर झेलने के लिए तैयार रहना होगा। वहीं, आस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज के बाद रहाणे का कद बढ़ा है। दूसरी ओर, कीवी टीम के मध्यक्रम का दारोमदार कप्तान विलियमसन के अलावा काफी हद तक रोस टेलर और हेनरी निकोल्स के कंधों पर होगा।

पंत और वाटलिंग अहम कड़ी

दोनों टीमों के लिए नंबर छह पर विकेटकीपर अहम कड़ी होंगे। भारत की ओर से यह जिम्मेदारी रिषभ पंत संभालेंगे, जिन्होंने पिछले कुछ वर्षो में अपनी विकेटकीपिंग व बल्लेबाजी में परिपक्वता दिखाई है। आस्ट्रेलिया में और इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज में जीत दिलाने में उनकी ल्लेबाजी की भी अहम भूमिका रही थी। वहीं न्यूजीलैंड के विकेटकीपर बीजे वाटलिंग का यह करियर का आखिरी टेस्ट मैच होगा। वह पहले ही कह चुके हैं कि इसे जीतकर वह अपने शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर से विदा लेना चाहेंगे। हालांकि, वाटलिंग पिछली 14 पारियों में सिर्फ एक अर्धशतक लगा सके हैं, लेकिन उससे पहले उन्होंने लगातार चार पारियों में 77, नाबाद 105, 205 और 55 रन के स्कोर बनाए थे।

कीवी गेंदबाजी आक्रमण भारी

पिच क्यूरेटर साइमन ली ने कहा था कि वह चाहते हैं कि इस पिच पर गति और उछाल रहे। ऐसा हुआ तो गेंदबाजी में कीवी टीम का पलड़ा थोड़ा भारी नजर आता है। गति और स्विंग की मददगार परिस्थितियों में कीवी गेंदबाज कहर बरपा सकते हैं। कीवी टीम में टिम साउथी, ट्रेंट बोल्ट और नील वैगनर का खेलना लगभग पक्का नजर आ रहा है, जबकि बाकी के दो स्थान के लिए तेज गेंदबाजी आलराउंडर कोलिन डि ग्रैंडहोम, तेज गंेदबाज काइल जेमिसन व मैट हेनरी और बायें हाथ के स्पिनर एजाज पटेल में दावेदारी होगी।

दो स्पिनर के साथ उतरेगा भारत

जसप्रीत बुमराह, मुहम्मद शमी और इशांत शर्मा भारत की तेज गेंदबाजी की बागडोर संभालेंगे। 14 साल से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल रहे इशांत पहले ही कह चुके हैं कि उनके लिए यह फाइनल जीतना विश्व कप जीतने के समान होगा। स्पिन विभाग की जिम्मेदारी आफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन और बायें हाथ के स्पिनर रवींद्र जडेजा के कंधों पर होगी, जो जरूरत पड़ने पर बल्ले से भी योगदान देने में सक्षम हैं।

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