रोहित शर्मा को WTC Final में सफल होने के लिए क्या रणनीति अपनानी चाहिए, सहवाग ने दी साख टिप्स

सहवाग ने कहा कि आप फ्लैट ट्रैक या फिर ग्रासी विकेट पर खेलते हैं तो दोनों में काफी अंतर होता है। इंग्लैंड में काफी कुछ कंडीशन पर निर्भर करता है। अगर बादल रहे तो गेंद से कुछ भी हो सकता है लेकिन धूप रही तो बल्लेबाजी करना आसान होगा।

Sanjay SavernSat, 12 Jun 2021 01:57 PM (IST)
भारतीय क्रिकेट टीम के ओपनर बल्लेबाज रोहित शर्मा (एपी फोटो)

नई दिल्ली, एएनआइ। वीरेंद्र सहवाग एक ऐसे बल्लेबाज के तौर पर जाने जाते हैं जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में ओपनिंग बल्लेबाजी की अवधारणा ही बदल दी थी। हालांकि सहवाग का ये मानना था कि, जब आप इंग्लैंड में खेल रहे हैं तो आपके नई गेंद का सम्मान करना चाहिए। साल 2002 में जब टीम इंडिया इंग्लैंड दौरे पर थी तब नॉटिंघम में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में उनकी बल्लेबाजी की कड़ी परीक्षा हुई थी और सहवाग ने उस टेस्ट मैच में कमाल की बल्लेबाजी करते हुए 183 गेंदों पर 106 रन की पारी खेली थी। 

अब टीम इंडिया इस समय इंग्लैंड में है और उसे पहले 18 जून से न्यूजीलैंड के खिलाफ आइसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल मैच खेलना है और इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में हिस्सा लेना है। इन मैचों के लिए सहवाग का मानना है कि, टीम इंडिया के ओपनर बल्लेबाज रोहित शर्मा को अपनी पारी की शुरुआत में काफी सावधानी बरतने की जरूरत है। एएनआइ से बात करते हुए सहवाग ने बताया कि, रोहित शर्मा को अपनी बल्लेबाजी के दौरान किस तरह का अप्रोच रखना चाहिए। 

सहवाग ने कहा कि, जब मैंने पहली बार इंग्लैंड में ओपन किया था तब मैं ज्यादा आक्रामक नहीं था। वहीं की स्विंग कंडीशन की वजह से मैंने अपना शतक 150-160 गेंदों पर पूरा किया था और आपको वहां की कंडीशन और नई गेंद का सम्मान करना ही होगा अगर आप वहां सफल होना चाहते हैं। अगर आप फ्लैट ट्रैक या फिर ग्रासी विकेट पर खेलते हैं तो दोनों में काफी अंतर होता है। इंग्लैंड में काफी कुछ कंडीशन पर निर्भर करता है। अगर बादल रहे तो गेंद से कुछ भी हो सकता है, लेकिन धूप रही तो बल्लेबाजी करना आसान होगा। 

सहवाग ने रोहित शर्मा को सलाह देते हुए कहा कि, उन्हें इंग्लैंड की कंडीशन का सम्मान करना चाहिए और खराब गेंद का इंतजार करना चाहिए। उन्होंने इंग्लैंड में काफी क्रिकेट खेली है और उनके पास अनुभव की कोई कमी नहीं है। उन्हें पता है कि, क्या करने की जरूरत है लेकिन मेरी सलाह है कि नई गेंद का सम्मान करें और खराब गेंद का इंतजार करें। 5 से 10 ओवर बल्लेबाजी करने के बाद वो सेट हो जाएं उसके बाद उनके लिए आक्रामक क्रिकेट खेलना वहां आसान हो जाएगा। 

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