लक्ष्मण ने कहा, इंग्लैंड में जीत के लिए इस भारतीय बल्लेबाज को राहुल द्रविड़ की तरह खेलना होगा

भारत ने साल 2007 में आखिरी बार इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज जीती थी और वीवीएस लक्ष्मण उस टीम का हिस्सा थे। इस टेस्ट सीरीज को लेकर वीवीएस लक्ष्मण ने कहा कि इस बार टेस्ट सीरीज में जीत हासिल करनी है तो चेतेश्वर पुजारा को इंग्लैंड में अपना रिकॉर्ड सुधारना होगा।

Sanjay SavernMon, 02 Aug 2021 10:59 AM (IST)
टीम इंडिया के मध्यक्रम के बल्लेबाज पुजारा (एपी फोटो)

नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। भारतीय टीम जब इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज के पहले मुकाबले में उतरेगी तब सबकी निगाहें भारतीय बल्लेबाजी पर टिकी होगी। भारत इंग्लैंड के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत 4 अगस्त से करेगा। इससे पहले भारतीय टीम लगातार तीन दौरों पर इंग्लैंड के टेस्ट सीरीज हार चुकी है। इंग्लैंड में भारतीय बल्लेबाजों को हमेशा की ड्यूक गेंद से इंग्लैंड में खेलते हुए परेशानी हुई है साथ ही वहां की कंडीशन से भी दो-चार होना पड़ता है। ये सब कुछ ऐसी जगह है जहां टीम इंडिया को काम करने की जरूरत है। 

भारत ने साल 2007 में आखिरी बार इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज जीती थी और वीवीएस लक्ष्मण उस टीम का हिस्सा थे। अब इस टेस्ट सीरीज को लेकर वीवीएस लक्ष्मण ने कहा कि, अगर टीम इंडिया को इस बार टेस्ट सीरीज में जीत हासिल करनी है तो चेतेश्वर पुजारा को इंग्लैंड में अपना रिकॉर्ड सुधारना होगा। वीवीएस ने स्टार स्पोर्ट्स से बात करते हुए कहा कि, पुजारा इस वक्त खराब फॉर्म में हैं और उन्हें ये बात अच्छी तरह से पता है। जहां तक शतक की बात है तो हम उनसे ये उम्मीद जरूर कर सकते हैं। वो भारत के लिए तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते हैं जो दोनों ओपनर्स के साथ काफी अहम पोजीशन है। 

वीवीएस ने कहा कि, साल 2002 और 2007 में हमारी जीत का ये कारण था कि हमारे टॉप ऑर्डर के बल्लेबाजों और तीसरे नंबर के बल्लेबाज ने अच्छा प्रदर्शन किया था। उस वक्त नंबर तीन पर राहुल द्रविड़ थे। अगर ओपनर्स अच्छी शुरुआत देते हैं तो फिर तीसरे नंबर का बल्लेबाज या फिर बाद के बल्लेबाज के पास अच्छा स्कोर करने का मौका होता है और फिर एक बेहतरीन टोटल बनता है। इसके बाद गेम आपको हिसाब से चलता है। उन्होंने कहा कि, इस दौरे पर पुजारा भारत के लिए वही भूमिका निभा सकते हैं जो कभी बल्लेबाज राहुल द्रविड़ ने निभाई थी। 2002 के इंग्लैंड दौरे पर द्रविड़ ने चार टेस्ट में 602 रन, 2007 के दौरे पर तीन टेस्ट मैचों में 126 रन और 2011 के दौरे पर चार टेस्ट में 461 रन बनाए थे। अगर इस टेस्ट सीरीज में पुजारा भी द्रविड़ जैसा प्रदर्शन करते हैं तो टीम इंडिया के लिए इससे अच्छा कुछ नहीं हो सकता है। 

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