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पाकिस्तान के पूर्व बल्लेबाज का दावा, मैच फिक्सिंग कबूलने के लिए बोर्ड ने कहा था

लाहौर, एजेंसी। पाकिस्तान टीम के पूर्व बल्लेबाज सलीम मलिक ने एक बड़ा खुलासा किया है। मैच फिक्सिंग के आरोपी सलीम मलिक ने दावा किया है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड यानी पीसीबी ने इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल यानी आइसीसी को बहकाने के लिए उनसे मैच फिक्सिंग के आरोप को स्वीकार करने के लिए कहा था। साथ ही पूर्व पाकिस्तान बल्लेबाज ने ये भी कहा है कि उनको ये भी कहा गया था कि उनका बैन कम हो सकता है।

शनिवार को यहां पत्रकारों से बात करते हुए सलीम मलिक ने कहा है, "2013 में, पीसीबी के उच्च अधिकारियों के साथ एक बैठक के दौरान, बोर्ड ने मुझसे मैच फिक्सिंग स्वीकार करने, आजीवन प्रतिबंध हटाने और रिहैबिलिटेशन कार्यक्रम शुरू करने के लिए कहा था। पीसीबी जिस बयान की बात कर रहा है वह 2013 का है न कि 2014 का। मैं तत्कालीन पीसीबी अध्यक्ष नजम सेठी, सीओओ सुभान अहमद और लीगल काउंसिल तफज्जुल रिजवी से मिला था।"

सलीम मलिक ने कहा है, "उन्होंने मुझसे एक पत्र पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा था। पीसीबी मेरे खिलाफ पत्र का उपयोग कर रहा है जो पूरी तरह से बेतुका है।" पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने दूसरे दिन मलिक की अपील का जवाब देते हुए कहा कि वह अप्रैल 2000 की बातचीत के आइसीसी द्वारा प्रदान किए गए टेपों का जवाब देने में विफल रहे हैं।

उन्होंने कहा है, "आपने अप्रैल 2000 में हुई बातचीत के टेप की सामग्री पर प्रतिक्रिया नहीं देने का फैसला किया। ऊपर की पृष्ठभूमि में पीसीबी कभी भी आगे नहीं बढ़ेगा, जब तक कि आप उक्त मामले पर प्रतिक्रिया नहीं देते।" मलिक ने अपने नाम को मैच फिक्सिंग से मुक्त करने के लिए पीसीबी को याचिका दायर की थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक दिन पहले बोर्ड द्वारा दिया गया उनका इकबालिया बयान स्वैच्छिक नहीं था, बल्कि बोर्ड की सलाह पर बनाया गया था।

सलीम मलिक ने कहा है, "मुझे पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अधिकारियों ने माफी मांगने की सलाह दी थी और कहा था कि वे उनको इससे निकलवाने की कोशिश करेंगे। मैं हैरान हूं। मैं अभी भी एक दूसरी प्रतिक्रिया का मसौदा तैयार करने की प्रक्रिया में था, क्योंकि पीसीबी ने कहा कि पहले वाले में त्रुटियां थीं। मैं अपने वकीलों के साथ चर्चा में था, लेकिन अब पीसीबी ने 2014 के इस पत्र को जारी कर दिया। यह स्पष्ट है कि पीसीबी के पास निरादर आदमी हैं जो नहीं चाहते कि यह मामला हल हो। वास्तव में, वे चाहते हैं कि यह बिगड़ जाए।"

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