गर्दन में जकड़न के बाद रिद्धिमान साहा ने जिस तरह की पारी खेली वो सराहनीय है- बल्लेबाजी कोच

रिद्धिमान साहा की इस पारी को लेकर टीम इंडिया के बल्लेबाजी कोच विक्रम राठौड़ ने उनकी जमकर तारीफ की और कहा कि वो एक आदर्श टीम खिलाड़ी हैं और उन पर मुश्किल काम के लिए निर्भर किया जा सकता है।

Sanjay SavernPublish:Sun, 28 Nov 2021 09:04 PM (IST) Updated:Mon, 29 Nov 2021 07:18 AM (IST)
गर्दन में जकड़न के बाद रिद्धिमान साहा ने जिस तरह की पारी खेली वो सराहनीय है- बल्लेबाजी कोच
गर्दन में जकड़न के बाद रिद्धिमान साहा ने जिस तरह की पारी खेली वो सराहनीय है- बल्लेबाजी कोच

कानपुर, प्रेट्र। रिद्धिमान साहा ने कानपुर टेस्ट मैच की दूसरी पारी में टीम इंडिया के लिए विषम स्थिति में टीम के लिए अहम नाबाद 61 रन की पारी खेली। साहा की इस पारी को लेकर टीम इंडिया के बल्लेबाजी कोच विक्रम राठौड़ ने उनकी जमकर तारीफ की और कहा कि वो एक आदर्श टीम खिलाड़ी हैं और उन पर मुश्किल काम के लिए निर्भर किया जा सकता है। हालांकि ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि उन्हें भारत के नंबर एक विकेटकीपर रिषभ पंत की अनुपस्थिति में ही यह भूमिका निभानी होगी। साहा (37 वर्ष) मौजूदा भारतीय टीम के सबसे ज्यादा उम्र के खिलाड़ी हैं जो 11 साल पहले अपने पदार्पण के बाद अपना 39वां मैच खेल रहे हैं।

साहा के पदार्पण के बाद पहले पांच वर्ष तक महेंद्र सिंह धौनी के लिये स्थानापन्न बनने में चले गये और अब वह 24 वर्षीय पंत के ‘बैक-अप’ हैं। रविवार को साहा ने गर्दन में जकड़न के साथ बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 61 रन की पारी खेली। बल्लेबाजी कोच राठौड़ ने अनुभवी विकेटकीपर के बारे में पूछे गये सवालों पर कहा, ‘‘उसकी गर्दन में जकड़न थी और यह जानते हुए कि वह एक आदर्श टीम खिलाड़ी है, वह वही करेगा जिसकी जरूरत है। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘वह टीम के लिये मुश्किल चीजें करेगा और उस समय टीम जिस स्थिति में थी, उसने बहुत ही महत्वपूर्ण पारी खेली। ’’

विक्रम राठौड़ ने कहा कि हम हमेशा उससे इसकी ही उम्मीद करते हैं। वह हमेशा ऐसा खिलाड़ी रहा है जिस पर हम भरोसा कर सकते हैं और आज उसने दिखा दिया कि ऐसा क्यों है। राठौड़ ने कहा कि जहां तक उसका सवाल है तो दुर्भाग्य से हमारे पास बहुत ही विशेष खिलाड़ी रिषभ पंत हैं जो हमारे लिये नंबर एक विकेटकीपर है और उसने पिछले कुछ वर्षों में हमारे लिये शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि उसकी भूमिका (दूसरे नंबर पर) यही है कि जब पंत उपलब्ध नहीं होगा, तभी हमें उसकी जरूरत होगी।