कांग्रेस शासित राज्‍यों में ज्‍यादा महंगा मिल रहा तेल, जानिए आज की ताजा कीमत

Business News in Hindi पेट्रोल (Petrol Price today) और डीजल की कीमतें (Diesel Price today) स्थिर होने से उपभोक्ताओं को राहत मिली है। लेकिन कांग्रेस शासित राज्‍य में Petrol बीजेपी शासित राज्‍यों से महंगा मिल रहा है।

Ashish DeepThu, 25 Nov 2021 01:00 PM (IST)
डीजल की कीमतें भी राजधानी में 86.67 रुपये प्रति लीटर पर नहीं बदलीं।

नई दिल्‍ली, बिजनेस डेस्‍क। पेट्रोल (Petrol Price today) और डीजल की कीमतें (Diesel Price today) स्थिर होने से उपभोक्ताओं को राहत मिली है। लेकिन कांग्रेस शासित राज्‍य में Petrol बीजेपी शासित राज्‍यों से महंगा मिल रहा है। हालांकि तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतें कई दिन से स्थिर रखी हैं। दिल्ली में पेट्रोल का पंप भाव 6 बजे गिरकर 103.97 रुपये प्रति लीटर हो गया और 4 नवंबर से पिछले दिन के 110.04 रुपये प्रति लीटर से समान स्तर पर बना हुआ है। डीजल की कीमतें भी राजधानी में 86.67 रुपये प्रति लीटर पर नहीं बदलीं।

बीजेपी शासित प्रदेशों में तेल की कीमत

Petrol Prices/Litre:

Goa (BJP) : Rs 96.55

Ahmedabad, Gujarat (BJP) : Rs 94.99

Gurugram, Haryana (BJP) : Rs 95.55

Shimla, Himachal (BJP) : Rs 96.61

Lucknow, Uttar Pradesh (BJP) : Rs 95.28

कांग्रेस शासित राज्‍यों में पेट्रोल के दाम

Jaipur, Rajasthan (Congress) : Rs 107.06

Amritsar, Punjab (Congress) : Rs 95.63

Mumbai, Maharashtra (Congress) : Rs 109.98

Raipur, Chhattisgarh (Congress) : Rs 101.32

Kolkata, West Bengal (TMC) : Rs 104.67

महाराष्‍ट्र में कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना के साथ गठबंधन सरकार में शामिल है। वहां की आर्थिक राजधानी मुंबई में पेट्रोल की कीमत 109.98 रुपये प्रति लीटर और डीजल 94.14 रुपये प्रति लीटर है। तृणमूल कांग्रेस की सत्‍ता वाले पश्चिम बंगाल में कोलकाता में भी कीमतें स्थिर हैं। यहां नवंबर के पहले सप्ताह में पेट्रोल की कीमत 5.82 रुपये घटकर 104.67 रुपये प्रति लीटर और डीजल 11.77 रुपये घटकर 89.79 रुपये प्रति लीटर हो गई। DMK के शासन वाले चेन्नै में पेट्रोल की कीमत भी 101.40 रुपये प्रति लीटर और डीजल 91.43 रुपये प्रति लीटर पर बनी हुई है। पंजाब की बात करें तो यहां 1 लीटर पेट्रोल 95.63 रुपये लीटर मिल रहा है।

दूसरी तरफ, वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें पिछले एक महीने में कई मौकों पर 85 डॉलर प्रति बैरल के तीन साल के उच्च स्तर को छू चुकी हैं, अब यह कम होकर 82 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई हैं। यूएस इन्वेंट्री में बढ़ोतरी ने कच्चे तेल की कीमतों को कम कर दिया है, लेकिन ओपेक प्लस का निर्णय दिसंबर में उत्पादन में केवल क्रमिक बढ़ोतरी पर ही इसे और बढ़ा सकता है। इससे तेल कंपनियों पर फिर से ईंधन की कीमतों में बदलाव करने का दबाव पड़ सकता है।

कीमतों में कटौती और ठहराव से पहले, पिछले 56 दिनों में से 30 बार में डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है, जिससे दिल्ली में इसकी खुदरा कीमत 9.90 रुपये प्रति लीटर हो गई है। पेट्रोल की कीमतें भी पिछले 52 दिनों में 28 दिनों में बढ़ी हैं, जिससे पंप की कीमत 8.85 रुपये प्रति लीटर बढ़ गई है। 1 जनवरी से, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में शुल्क में कटौती से पहले 26 रुपये प्रति लीटर से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है।

मार्च 2020 और मई 2020 के बीच पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क 13 रुपये और 16 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिया गया था और केंद्र द्वारा शुल्क में कटौती का फैसला करने से पहले डीजल पर 31.8 रुपये और पेट्रोल पर 32.9 रुपये प्रति लीटर था। (IANS इनपुट के साथ)

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