PPF Vs VPF: नौकरीपेशा लोगों के लिए क्या है बेहतर निवेश विकल्प, जानें पूरी डिटेल

आप भी निवेश करने के बेहतर विकल्प की तलाश में हैं तो PPF और VPF आपके लिए बेहतर माध्यम में से एक हो सकते हैं। नौकरीपेशा व्यक्ति को इन दोनों तरीकों से निवेश करने पर ज्यादा ब्याज दर के लाभ के साथ बेहतर बचत विकल्प का फायदा भी मिलता है।

Abhishek PoddarFri, 15 Oct 2021 12:44 PM (IST)
VPF और PPF हमेशा से ही निवेश के सबसे बेहतर जरियों में से रहा है।

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। नौकरी करने वाले लोगों के लिए VPF और PPF हमेशा से ही निवेश के सबसे बेहतर जरियों में से रहा है। नौकरीपेशा व्यक्ति को इन दोनों तरीकों से निवेश करने पर ज्यादा ब्याज दर के लाभ के साथ बेहतर बचत विकल्प का फायदा भी मिलता है। पिछले कुछ वक्त से देखा जा रहा है कि फिक्स डिपॉजिट पर ब्याज की दरें काफी कम हो गई हैं, जिस कारण से लोग निवेश के अन्य साधनें में ज्यादा निवेश कर रहे हैं। अगर आप भी निवेश करने के बेहतर विकल्प की तलाश में हैं तो, PPF और VPF आपके लिए सबसे बेहतर माध्यम में से एक हो सकते हैं। तो आइये PPF और VPF के बारे में विस्तार से जानते हैं।

पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF)

PPF की स्थापना वित्त मंत्रालय के विभाग राष्ट्रीय बचत संस्थान द्वारा सन् 1968 में एक बचत तरीके के तौर पर की गई थी। पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) हमेशा से ही नौकरीपेशा लोगों के लिए निवेश का सबसे पसंदीदा विकल्पों में से एक रहा है। PPF के माध्यम से निवेश करने पर लोगों को ना केवल टैक्स का लाभ मिलता है, बल्कि बेहतर ब्याज दर का फायदा भी मिलता है।

PPF खाता 15 साल की लॉक-इन अवधि के साथ आता है। फिलहाल PPF में ब्याज की दर 7.1 फीसद सालाना है। PPF के तहत मिलने वाले ब्याज पर भी किसी तरह का टैक्स नहीं लगता है। PPF में निवेश करने से नौकरी पेशा लोगों को आयकर अधिनियम 1961 की धारा 80 C के तहत एक वित्त वर्ष में 1.5 लाख रुपये तक की आयकर छूट का फायदा भी मिलता है।

PPF में अपने अकाउंट को चालू रखने के लिए किसी भी व्यक्ति को हर साल कम से कम 500 रुपये से निवेश करना होता है। इसके अलावा आप साल भर में PPF के जरिए ज्यादा से ज्यादा 1.5 लाख रुपये की रकम का निवेश कर सकते हैं।

स्वैच्छिक भविष्य निधि (VPF)

PPF में निवेश करने के अलावा नौकरी करने वाले लोग स्वैच्छिक भविष्य निधि यानी VPF में भी निवेश कर सकते हैं। हालांकि, VPF के तहत केवल वह वेतनभोगी कर्मचारी निवेश कर सकता है, जो EPFO का सदस्य हो। EPF के तहत कोई भी कर्मचारी अपनी बेसिक सैलरी का 12 फीसद से अधिक का निवेश नहीं कर सकता है।

अगर किसी कर्मचारी को अपनी बेसिक सैलरी के 12 फीसद से ज्यादा का निवेश करना है, तो वे VPF के जरिए से निवेश कर सकता है। वर्तमान समय में VPF पर 8.50 फीसद के सालाना ब्याज दर का फायदा मिलता है, जो कि PPF पर मिलने वाले ब्याज दर से अधिक है।

इसके अलावा, जिस तरह से PPF में EEE स्टेटस मिलता है, उसी तरह VPF पर भी EEE स्टेटस की सुविधा मौजूद है। EEE से तात्पर्य है कि, इसमें निवेश राशि, ब्याज राशि और मैच्योरिटी की राशि पर टैक्स नहीं देना होता है।

वर्तमान समय में VPF पर ब्याज की दर 8.50 फीसद की है, जो कि PPF पर मिलने वाले ब्याज दर से अधिक है। इसके अलावा VPF में निवेश के तहत भी आपको आयकर अधिनियम की धारा 80 C के तहत टैक्स में छूट का लाभ मिलता है।

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