PM Svanidhi Yojana: मिल रहा है बिनी किसी गारंटी के 10 हजार तक का लोन, जानिए क्या है यह सरकारी स्कीम

PM Svanidhi Yojanaकोरोना वायरस के कारण प्रभावित हुए स्ट्रीट वेंडर्स या रेहड़ी-पटरी वालों के लिए सरकार ने इस साल PM Svanidhi Yojana को शुरू किया था। इसके तहत इस श्रेणी के कामगारों को बिना किसी गारंटी के 10 हजार तक का लोन दिया जाता है।

Abhishek PoddarThu, 09 Sep 2021 02:01 PM (IST)
छोटे कारोबारियों की मदद के लिये इस साल 'PM Svanidhi Yojana' की शुरुआत की गई थी।

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। कोरोना वायरस की महामारी ने सबसे बुरी तरह से उन लोगों के प्रभावित किया था, जो अपनी आजीविका के लिए रेहड़ी या फिर पटरी जैसे व्यवसायों पर निर्भर होते हैं। कोरोना वायरस महामारी के कारण अपनी आजीविका गंवा चुके रेहड़ी पटरी लगाने वाले छोटे कारोबारियों की मदद के लिये इस साल 'PM Svanidhi Yojana' की शुरुआत की गई थी।

इस योजना का जिक्र करते हुए 'डिजिटल इंडिया' ने अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल पर लिखा है कि, "इस योजना से रेहड़ी-पटरी वालों को अत्यधिक लाभ हुआ है जिससे उन्हें वर्किंग कैपिटल लोन लेने में आसानी हुई है। यह उनकी आजीविका को फिर से शुरू करने में मदद करता है जो COVID-19 के दौरान प्रभावित हुए हैं।"

इसके साथ ही डिजिटल इंडिया ने अपने ट्वीट में इससे जुड़े फायदों का जिक्र भी किया है। इस ट्वीट के मुताबिक "PM Svanidhi स्कीम के तहत कैश बैक इंसेंटिव का लाभ हासिल होता है। इसके साथ ही स्ट्रीट वेंडर्स को 10 हजार, 20 हजार और 50 हजार तक का लोन भी आसानी से हासिल हो जाता है। इसके अलावा स्ट्रीट वेंडर्स इसके जरिए अपनी रकम को सीधे बैंक में ट्रांसफर भी कर सकते हैं। वहीं इस स्कीम के तहत BHIM UPI द्वारा आसान और सुरक्षित भुगतान भी किया जा सकता है।"

इसके अलावा एक अलग ट्वीट में 'डिजिटल इंडिया' ने लिखा है कि "स्ट्रीट वेंडर्स की डिजिटल ऑनबोर्डिंग उन्हें डिजिटल मोड के माध्यम से भुगतान स्वीकार करने में सक्षम बनाएगी।"

क्या है PM Svanidhi स्कीम

'PM Svanidhi' योजना को इस साल जनवरी के महीने में शुरू किया गया था। इस योजना को कोरोना वायरस महामारी के कारण अपनी आजीविका गंवा चुके रेहड़ी पटरी लगाने वाले छोटे कारोबारियों की मदद करने के लक्ष्य से शुरू किया गया था। इसके तहत स्ट्रीट वेंडर्स की कटेगरी में आने वाले कामगारों को बिना किसी गारंटी के 10 हजार रुपये तक का लोन उपलब्ध कराया जाता है। देशभर में ऐसे 50 लाख के करीब विक्रेताओं को इसका लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

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