क्या होते हैं मनी मार्केट फंड? जानिए निवेश से पहलें क्‍या ध्‍यान रखना जरूरी है

मनी मार्केट (Money Market) या मुद्रा बाजार वित्तीय बाजार का ही एक हिस्सा होता है जो बहुत शॉर्ट टर्म (Short Term Gain) के निश्चित आय वाले साधनों को डील करता है। मनी मार्केट साधनों की परिपक्वता अवधि 1 साल से कम होती है।

Ashish DeepFri, 30 Jul 2021 03:46 PM (IST)
सभी डेट म्यूचुअल फंड मनी मार्केट साधनों में निवेश करते हैं। (Pti)

नई दिल्‍ली, वैभव शाह। मनी मार्केट (Money Market) या मुद्रा बाजार वित्तीय बाजार का ही एक हिस्सा होता है जो बहुत शॉर्ट टर्म (Short Term Gain) के निश्चित आय वाले साधनों को डील करता है। मनी मार्केट साधनों की परिपक्वता अवधि 1 साल से कम होती है। मनी मार्केट साधनों में ओवरनाइट सिक्यूरिटीज (ऐसी प्रतिभूतियां जो एक रात में ही परिपक्व हो जाती हैं) शामिल होती हैं, जैसे कि ट्राई पार्टी रेपोज, कॉमर्शियल पेपर्स (CPs), सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट्स, ट्रेजरी बिल्स आदि। मनी मार्केट साधनों को सरकार (ट्रेजरी बिल), कंपनियां (CPs) और वित्तीय संस्थाएं जारी करती हैं।

मनी मार्केट फंड

मनी मार्केट फंड अन्य सभी डेट योजनाओ में यह घोषित लक्ष्य रखते हैं कि वे प्राथमिक रूप से मनी मार्केट साधनों में निवेश करेंगे। फंड मैनेजर 1 साल तक की परिपक्वता (Maturity) अवधि वाले साधनों में निवेश का लचीलापन रखते हैं, यह प्रचलित बाजार दर और क्रेडिट स्प्रेड के माहौल पर निर्भर करता है। अब चूंकि ये साधन 1 साल तक की परिपक्वता वाले साधनों में निवेश करते हैं, इसलिए आपको इन फंडों के लिए न्यूनतम एक साल की निवेश अवधि रखनी चाहिए।

मनी मार्केट साधनों में निवेश करने वाले म्यूचुअल फंड

सभी डेट म्यूचुअल फंड मनी मार्केट साधनों में निवेश करते हैं, लेकिन निम्न श्रेणी के डेट म्यूचुअल फंड प्राथमिक रूप से मनी मार्केट साधनों में निवेश करते हैं।

ओवरनाइट फंड: ये फंड ऐसे साधनों में निवेश करते हैं जो कि एक रात भर में परिपक्व हो जाते हैं।

लिक्विड फंड: लिक्विड फंड ऐसे साधनों में निवेश करते हैं जो कि 91 दिन से कम में परिपक्व हो जाते हैं।

अल्ट्रा-शॉर्ट ड्यूरेशन फंड: ये फंड ऐसे साधनों में निवेश करते हैं जिससे उनके पोर्टफोलियो की अवधि 3 से 6 महीने रहती है।

मनी मार्केट फंड: ये फंड ऐसे साधनों में निवेश करते हैं जिनकी परिपक्वता अवधि 1 साल तक होती है।

मनी मार्केट फंडों में क्यों निवेश करें?

उच्च तरलता - इनमें निहित साधनों की परिपक्वता अवधि बहुत कम होती है. ये फंड आमतौर पर एग्जिट लोड चार्ज नहीं करते।

ब्याज दर से जुड़ा जोखिम कम- मनी मार्केट साधनों में लंबी अवधि के साधनों की तुलना में ब्याज दर की संवदेनशीलता (जोखिम) कम होती है।

ओवरनाइट और लिक्विड फंडों के मुकाबला ऊंचा यील्ड -मनी मार्केट फंडों का यील्ड ओवरनाइट और लिक्विड फंडों के मुकाबले ज्यादा होता है।

मौजूदा हालत में शॉर्ट टर्म निवेश के लिए उपयुक्त- कमोडिटी की कीमतों में अनिश्चितता की वजह से महंगाई की दिशा अनिश्चित ही रहती है। इसलिए लांग टर्म के यील्ड आगे और सख्त हो सकते हैं। लेकिन 1 दिन से 1 साल के भीतर के यील्ड तुलनात्मक रूप से कम जोखिम वाले और कम स्थायित्व वाले होते हैं।

मनी मार्केट फंड और डेट श्रेणी के अन्य फंडों के प्रदर्शन की तुलना

नीचे दिए गए चार्ट यह दर्शाते हैं कि मनी मार्केट फंडों की तुलना में अन्य लोकप्रिय फंडों की श्रेणियों में पिछले 5 साल में सालाना औसत रिटर्न कितना मिला है। इस दौरान हमने अलग-अलग ब्याज दरों (बढ़ते और घटते दोनों) का माहौल देखा है। मनी मार्केट फंड पिछले एक साल की निवेश अवधि के दौरान सबसे ज्यादा स्थायी प्रदर्शन वाले रहे हैं। कम अवधि वाले फंडों जैसे अन्य डेट श्रेणियों की तुलना में मनी मार्केट फंडों में उतार-चढ़ाव भी कम होता है। (स्रोत: Advisorkhoj Research)

किसी श्रेणी के औसत रिटर्न को हासिल करने के लिए विशिष्ट श्रेणियों में सभी फंडों के औसत सालाना रिटर्न देखा गया. साल 2021 का रिटर्न 20 जुलाई तक का है। (डिस्कलेमर: औसत रिटर्न किसी म्यूचुअल फंड की श्रेणियों का रिटर्न है और किसी भी तरह से यह किसी एक म्यूचुअल फंड योजना के रिटर्न का संकेत नहीं देता.)

एसेट के आवंटन में मनी मार्केट फंड की भूमिका

अपने फिक्स्ड इनकम वाले साधनों की विविधता के लिए आपको विभिन्न पोर्टफोलियो के सभी तरह के डेट फंडों में विवेकपूर्ण तरीके से एसेट आवंटन करना होगा। अलग-अलग अवधि में आवंटन आपके जोखिम प्रोफाइल और वित्तीय लक्ष्य पर निर्भर करेगा-शॉर्ट टर्म, मीडियम टर्म और लॉन्ग टर्म। मनी मार्केट फंड शॉर्ट टर्म के वित्तीय लक्ष्यों के लिए उपयुक्त होते हैं जैसे 1 या 2 साल की अवधि। कम जोखिम चाहने वाले निवेशक भी लंबी निवेश अवधि के साथ ऐसे फंडों में निवेश कर सकते हैं। निवेशक किसी मनी मार्केट फंड में सिस्टमेटिक इनवेस्टमेंट प्लान (SIP) के द्वारा भी निवेश कर सकते हैं। एसआईपी के द्वारा निवेश करने से आपको अपनी खरीद मूल्य को औसत करने (रूपी कॉस्ट एवरेजिंग) के लिए एनएवी में उतार-चढ़ाव का फायदा भी मिलता है।

मनी मार्केट फंड में निवेश करने से पहले इन बातों पर करें गौर

आपको हमेशा अपनी जोखिम ले सकने की क्षमता और वित्तीय जरूरतों के लिहाज से निवेश करना चाहिए।

मनी मार्केट फंड ऐसे निवेशकों के लिए उपयुक्त हैं जो थोड़ा कम जोखिम चाहते हैं।

मनी मार्केट फंड में निवेश करते समय निवेशकों को रिटर्न के बारे में तार्किक उम्मीदें ही रखनी चाहिए।

वैसे तो ये फंड तुलनात्मक रूप से ब्याज दरों की कम जोखिम वाले होते हैं, लेकिन ब्याज दर की हालत के हिसाब से कुछ उतार-चढ़ाव हो सकता है। निवेशकों को किसी योजना की अवधि प्रोफाइल को देखना चाहिए और अपनी जोखिम लेने की क्षमता के आधार पर निवेश करना चाहिए।

मनी मार्केट फंड में क्रेडिट का जोखिम हो सकता है। निवेशकों को निवेश करने से पहले उस योजना की क्रेडिट क्वालिटी पर गौर करना चाहिए। मनी मार्केट साधनों की रेटिंग A1 या A2 होती है और आमतौर पर ये कम क्रेडिट जोखिम वाले होते हैं।

निवेशकों को मनी मार्केट फंड निवेश करने के लिए कम से कम 1 साल की तय निवेश अवधि रखनी चाहिए।

(लेखक मिरे एसेट इनवेस्टमेंट मैनेजर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में हेड- प्रोडक्ट, मार्केटिंग एवं कम्युनिकेशंस हैं। छपे विचार उनके निजी हैं।)

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