आरबीआइ के रिटेल डायरेक्ट पोर्टल से खरीद सकते हैं सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड, जानें पूरी डिटेल

सॉवेरिन गोल्ड बॉन्ड को भारत के केंद्रीय बैंक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के रिटेल डायरेक्ट पोर्टल पर भी सब्सक्राइब किया जा सकता है। सॉवेरिन गोल्ड बॉन्ड स्कीम की आठवी किस्त 29 नवंबर से निवेशकों के लिए खुली है और यह 3 दिसंबर तक खीददारों के लिए खुली रहेगी।

Abhishek PoddarThu, 02 Dec 2021 07:03 PM (IST)
सॉवेरिन गोल्ड बॉन्ड को RBI के रिटेल डायरेक्ट पोर्टल से भी खरीदा जा सकता है

नई दिल्ली, पीटीआइ। सॉवेरिन गोल्ड बॉन्ड को भारत के केंद्रीय बैंक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के रिटेल डायरेक्ट पोर्टल पर भी सब्सक्राइब किया जा सकता है। सॉवेरिन गोल्ड बॉन्ड स्कीम की आठवी किस्त 29 नवंबर से निवेशकों के लिए खुली है और यह 3 दिसंबर तक खीददारों के लिए खुली रहेगी। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने गुरुवार को बयान देते हुए यह कहा कि, "सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम 2021-22 की आठवी किस्त, जो 3 दिसंबर, 2021 तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुली है, आरबीआई रिटेल डायरेक्ट पोर्टल https://rbirtaildirect.org.in पर भी उपलब्ध है।" अब तक, गोल्ड बॉन्ड बैंकों (छोटे वित्त बैंकों और भुगतान बैंकों को छोड़कर), स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (SHCIL), नामित डाकघरों और मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंजों, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के जरिए से बेचे जाते थे।

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड अक्टूबर 2021 से मार्च 2022 तक चार चरणों में जारी किए जाएंगे। इस योजना में केंद्रीय बैंक सरकार की ओर से सोने के बाजार भाव से जुड़े बॉन्ड को जारी किया जाता है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड योजना को साल 2015 में पेश किया गया था, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड सरकारी प्रतिभूतियां हैं जो सोने के ग्राम में अंकित होती हैं।

पिछले महीने, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आरबीआई द्वारा खुदरा प्रत्यक्ष योजना शुरू की थी, जिसके तहत व्यक्ति प्राथमिक और द्वितीयक बाजार से सीधे ट्रेजरी बिल, दिनांकित प्रतिभूतियां, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (एसजीबी) और राज्य विकास ऋण (एसडीएल) खरीद सकते हैं। योजना के अनुसार, खुदरा निवेशकों (व्यक्तियों) को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के साथ एक ऑनलाइन खुदरा प्रत्यक्ष गिल्ट खाता (RDG खाता) खोलने की सुविधा होगी। इन खातों को उनके बचत बैंक खातों से जोड़ा जा सकता है।

स्क्रीन आधारित एनडीएस-ओएम के माध्यम से व्यक्तियों के आरडीजी खातों का उपयोग सरकारी प्रतिभूतियों को जारी करने और द्वितीयक बाजार संचालन में भाग लेने के लिए किया जा सकता है। एनडीएस-ओएम, आरबीआई के स्वामित्व वाली सरकारी प्रतिभूतियों में द्वितीयक बाजार व्यापार के लिए एक स्क्रीन आधारित इलेक्ट्रॉनिक अनाम ऑर्डर मिलान प्रणाली, वर्तमान में केवल बैंकों, प्राथमिक डीलरों, बीमा कंपनियों और म्यूचुअल फंड जैसे संस्थानों के लिए खुला है।

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

Tags
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.