Yes Bank के संस्थापक राणा कपूर को हाई कोर्ट से भी नहीं मिली जमानत, शेयर में आई 4 फीसद से अधिक की गिरावट

सोमवार को यस बैंक के शेयर में गिरावट आई है।

केंद्रीय एजेंसी राणा कपूर उनकी पत्नी और तीन बेटियों के खिलाफ भी मनी लांड्रिंग की जांच कर रही है। आरोप है कि इनके द्वारा नियंत्रित फर्म ने यस बैंक घोटाले से जुड़े दीवान हाउसिंग फायनांस लिमिटेड (डीएचएफएल) की एक इकाई से 600 करोड़ रुपये की राशि हासिल की।

Publish Date:Mon, 25 Jan 2021 07:55 PM (IST) Author: Pawan Jayaswal

नई दिल्ली, पीटीआइ। यस बैंक धोखाधड़ी से जुड़े मनी लांड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को मुंबई के एक बिल्डर के दस ठिकानों पर छापेमारी की। अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई ओमकार रियल्टर्स एंड डेवलपर्स के सात आवासीय और तीन कार्यालय परिसरों पर की गई। इस संबंध में रियल्टी ग्रुप से ई-मेल के जरिये संपर्क किया गया, लेकिन उसका कोई जवाब नहीं आया। इस ग्रुप के चेयरमैन कमल किशोर गुप्ता और प्रबंध निदेशक बाबूलाल वर्मा हैं।

इस बीच, बांबे हाई कोर्ट ने भी यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर की जमानत याचिका सोमवार को खारिज कर दी। पिछले साल मार्च में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा गिरफ्तार किए गए कपूर की जमानत याचिका एक स्थानीय विशेष अदालत ने जुलाई में खारिज कर दी थी।

एजेंसी के सूत्रों ने बताया कि मनी लांड्रिंग निरोधक कानून के तहत छापेमारी की कार्रवाई सुबूत जुटाने के मकसद से की गई है। ओमकार ग्रुप पर आरोप है कि इसने झुग्गी पुनर्वास प्राधिकरण (एसआरए) के तहत हासिल की गई कई अनुमतियों का गलत इस्तेमाल किया और यस बैंक से लिए गए करीब 450 करोड़ रुपये की कर्ज राशि किसी और मद में खर्च कर दी।

केंद्रीय एजेंसी राणा कपूर, उनकी पत्नी और तीन बेटियों के खिलाफ भी मनी लांड्रिंग की जांच कर रही है। आरोप है कि इनके द्वारा नियंत्रित फर्म ने यस बैंक घोटाले से जुड़े दीवान हाउसिंग फायनांस लिमिटेड (डीएचएफएल) की एक इकाई से 600 करोड़ रुपये की राशि हासिल की।

हाई कोर्ट में कपूर के वकील हरीश साल्वे ने जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान कहा कि उनकी कंपनी को मिले 600 करोड़ रुपये एक लोन था, न कि कोई रिश्वत। लेकिन ईडी के वकील हितेन वेनेगांवकर ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि कपूर की बेटियां उस कंपनी की सह-मालकिन हैं।

प्रवर्तन निदेशालय का आरोप है कि कपूर, उनके परिवार के सदस्यों और सहायकों ने बड़ी राशि का लोन मंजूर करने के एवज में कई कंपनियों से बतौर रिश्वत 4,300 करोड़ रुपये लिए। इस मामले में सीबीआइ भी जांच कर रही है।

यस बैंक का शेयर सोमवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर 4.12 फीसद या 0.70 रुपये की गिरावट के साथ 16.30 रुपये पर बंद हुआ।

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