US-China में पहले चरण के समझौते को लेकर बनी सहमति, एपीईसी की बैठक के दौरान समझौते पर हो सकते हैं हस्ताक्षर

वाशिंगटन, एएफपी। अमेरिका और चीन ने कहा है कि वे व्यापार वार्ता के पहले चरण में हुए समझौते को अंतिम रूप देने के करीब पहुंच गए हैं। दोनों देशों के बीच टेलीफोन पर उच्च स्तरीय बातचीत हुई। इस संबंध में जारी बयान में कहा गया है कि इसमें कुछ मुख्य बिंदुओं पर सहमति बन गई है। यूएस व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय ने कहा है कि बातचीत आगे चालू रहेगी। इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता को समझौते में तब्दील होने की उम्मीद जता चुके हैं। हालांकि, अभी इस बात की कोई जानकारी नहीं दी गई है कि समझौते को लेकर दोनों देश कहां तक पहुंचे हैं। दोनों देशों ने बढ़ी हुई शुल्क दरें वापस लेने के संबंध में भी अभी तक कोई जानकारी नहीं दी है।

अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि रॉबर्ट लाइटहाइजर और वित्त मंत्री स्टीवन न्यूचिन ने चीन के वाइस प्रीमियर ल्यू ही के साथ पहले दौर की वार्ता में भाग लिया। अमेरिका की ओर से जारी वक्तव्य में कहा गया है कि पहले दौर की वार्ता में दोनों पक्षों में समझौते के कुछ बिंदुओं पर सहमति बन गई है। इस मामले में चीन के वित्त मंत्रालय की ओर से भी बयान जारी किया गया है। मंत्रालय ने कहा है कि दोनों देशों ने एक-दूसरे की चिंताओं पर गौर किया है। चीन ने कहा है कि वह अमेरिका के पोल्ट्री इंपोर्ट से बैन हटा लेगा इसके बदले यूएस उसके पके हुए पोल्ट्री और कैटफिश के उत्पादों को अपने बाजारों में स्वीकृति देगा।

ट्रेड-वार्ता को लेकर दोनों देशों में अभी तक डिप्टी लेवल की बातचीत हुई है, जो आगे भी जारी रहेगी। आने वाले समय में दोनों देश इस संबंध में उच्च स्तरीय बातचीत करेंगे और समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिश करेंगे। इससे पहले ट्रंप अमेरिका के कृषि उत्पादों को खरीदने पर सहमति जताने को लेकर चीन की तारीफ की थी। बौद्धिक संपदा, वित्तीय सेवाएं और करेंसी को भी इस बातचीत में मुद्दा बनाया गया है।

अमेरिका ने 15 अक्टूबर से चीन के उत्पादों पर प्रस्तावित 250 अरब डॉलर का अतिरिक्त शुल्क स्थगित करने का फैसला किया था। हालांकि अभी दिसंबर में प्रस्तावित 15 फीसद के अतिरिक्त शुल्क को लेकर अमेरिका ने कोई फैसला नहीं लिया है। 

ट्रंप ने उम्मीद जताई है कि नवंबर में चिली में होने जा रही एपीईसी की बैठक के दौरान समझौते पर हस्ताक्षर हो जाएंगे। ट्रंप ने शुक्रवार को कहा था कि हम चीन के मुद्दे पर प्रगति कर रहे हैं। चीन समझौता चाहता है, वह टैरिफ में भी कुछ कटौती जरूर चाहेगा। 

गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच अरबों डॉलर का द्विपक्षीय कारोबार होता है। ट्रेड-वार के चलते इस कारोबार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जिसका खामियाजा ग्लोबल इकोनॉमी को भी उठाना पड़ा है। दोनों देशों में बढ़ते व्यापार तनाव के चलते वैश्विक संस्थाओं ने ग्लोबल ग्रोथ में गिरावट आने की आशंका जताई थी।

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