top menutop menutop menu

Cabinet Decisions: 1 लाख करोड़ के एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड के गठन को मंजूरी, जानें किसे मिलेगा फायदा

Cabinet Decisions: 1 लाख करोड़ के एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड के गठन को मंजूरी, जानें किसे मिलेगा फायदा
Publish Date:Wed, 08 Jul 2020 06:42 PM (IST) Author: Ankit Kumar

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। कृषि क्षेत्र में बुनियादी ढांचा के अभाव में कृषि उपज का सालाना 15 से 20 फीसद तक बर्बाद हो जाता है। इसका सीधा असर किसानों की आमदनी पर पड़ता है। इस क्षति को रोकने और कृषि क्षेत्र में निजी निवेशकों आकर्षित करने के लिए एक लाख करोड़ रुपये कृषि-इंफ्रा फंड के मसौदे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट की बुधवार को हुई बैठक में मंजूरी के दे दी गई। कैबिनेट के फैसले की जानकारी देने आए केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने जोर देकर कहा 'सरकार के इस फैसले से किसान व कृषि क्षेत्र और ताकतवर होकर उभरेगा। बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने के साथ कानूनी बाधाओं को खत्म करने के लिए भी सरकार ने दो अहम अध्यादेश जारी किया है, जो कृषि विकास में मील के पत्थर साबित होंगे।'

तोमर ने कहा, "यह एक ऐतिहासिक फैसला है। इससे कृषि क्षेत्र का विकास होगा।"  

(यह भी पढ़ेंः चीन में बैंकों के डूबने की आशंका से भारी निकासी कर रहे ग्राहक, इसे रोकने को ड्रैगन का नया प्लान)  

एक लाख करोड़ रुपये के एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड की घोषणा आत्मनिर्भर भारत योजना में की गई थी। इंफ्रास्ट्रक्चर इंफ्रा फंड के तहत कृषि सहकारी समितियां, किसान समूहों, एफपीओ, कृषि उद्यमियों और स्टार्ट-अप को अनुदान दिए जाएंगे। इससे कोल्ड स्टोर, कोल्ड चेन, भंडारण की सुविधा, साइलोज, ग्रेडिंग व पैकेजिंग इकाइयों, ई-मार्केटिंग प्वाइंट, फलों को पकाने वाले चैंबर्स, वेक्सिंग प्लांट को इसमें समायोजित किया जाएगा। 

तोमर ने बताया कि दो करोड़ रुपये तक की परियोजनाओं को ब्याज में तीन फीसद तक की रियायत दी जाएगी। यह योजना 10 साल तक के लिए होगी। सभी किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड से लैस करने का लक्ष्य है, ताकि किसानों को रियायती दरों पर कृषि ऋण प्राप्त हो सके। 

सरकार के इस फैसले से ग्रामीण क्षेत्रों में जहां विकास के कार्य होंगे, वहीं रोजगार के अवसर सृजित होंगे। बुनियादी ढांचे के विकास से होने वाले नुकसान को रोका जा सकता है। किसानों की आमदनी इससे सीधे 20 फीसद की बढ़ोतरी हो जाएगी। कृषि उपज का मूल्य संवर्धन कर उचित मूल्य प्राप्त करने में सहूलियत होगी। कृषि मंत्री तोमर ने कहा कि कृषि की सबसे बड़ी मुश्किल इस क्षेत्र में निजी निवेश का न होना है, लेकिन सरकार के इस बड़े फैसले से प्राइवेट सेक्टर के लिए यह क्षेत्र आकर्षण का केंद्र हो जाएगा। उन्होंने कहा कि कोरोना जैसी महामारी में भी कृषि क्षेत्र बिना प्रभावित हुए अपनी गति से चलता रहा। कृषि फसलों की पैदावार पिछले सालों के मुकाबले सर्वाधिक रही है। 

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.