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भारत में हैं यूनिकॉर्न स्तर की 21 स्टार्टअप कंपनियां, वैश्विक यूनिकॉर्न सूची में चौथे स्थान पर, कुल मूल्यांकन 73 अरब डालर

भारत में हैं यूनिकॉर्न स्तर की 21 स्टार्टअप कंपनियां, वैश्विक यूनिकॉर्न सूची में चौथे स्थान पर, कुल मूल्यांकन 73 अरब डालर
Publish Date:Tue, 04 Aug 2020 08:18 PM (IST) Author: Pawan Jayaswal

नई दिल्ली, पीटीआइ। भारत में एक अरब डॉलर से अधिक मूल्य वाले यूनिकॉर्न स्तर के करीब 21 स्टार्टअप्स हैं। यह संख्या चीन के मुकाबले 10 फीसद ही है। भारतीय निवेशकों की ऐसी 40 से अधिक कंपनियां विदेशों में भी हैं। भारत की इन 21 यूनिकॉर्न स्तर की कंपनियों का कुल मूल्य 73.2 अरब डॉलर है। एक रिपोर्ट से मंगलवार को यह बात पता चली है। रिपोर्ट के अनुसार, तीन चीनी निवेशकों ने भारत की 11 यूनिकॉर्न कंपनियों में निवेश किया हुआ है।

हुरुन की वैश्विक यूनिकॉर्न सूची में अमेरिका, चीन और ब्रिटेन के बाद भारत चौथे स्थान पर आता है। हुरुन की रिपोर्ट के अनुसार पड़ोसी देश चीन में यूनिकॉर्न कंपनियों की संख्या 227 है। इस तरह भारत में इसके दसवें हिस्से के बराबर ही यूनिकॉर्न कंपनियां हैं। वहीं, देश के बाहर स्थापित यूनिकॉर्न कंपनियों की तुलना करें, तो भारतीयों ने 40 यूनिकॉर्न स्तर की कंपनियां विदेशों में स्थापित की हुई हैं, जबकि चीनी लोगों ने सिर्फ 16 यूनिकॉर्न कंपनियां ही अपने देश से बाहर स्थापित की हुई हैं।

भारतीयों द्वारा विदेशों में स्थापित यूनिकॉर्न कंपनियों का कुल मूल्य 99.6 अरब डॉलर है। इन कंपनियों में से सबसे अधिक मूल्य वाली कंपनी का नाम रॉबिनहुड है। यह  वित्त प्रौद्योगिकी कंपनी है। इसका मूल्य 8.5 अरब डॉलर है। हुरुन रिपोर्ट के चेयरमैन और मुख्य अनुसंधानकर्ता रुपर्ट हूगवर्फ ने कहा, 'भारतीयों द्वारा स्थापित 61 यूनिकॉर्न कंपनियों में से लगभग दो-तिहाई विदेशों में, मुख्य रूप से अमेरिका के सिलिकॉन वैली में स्थित है और सिर्फ 21 यूनिकॉर्न कंपनियां ही देश में काम कर रही हैं।'

हुरुन रिपोर्ट के अनुसार, भारत की यूनिकॉर्न राजधानी बेंगलुरू को कहा जा सकता है, क्योंकि यहां भारतियों की आठ यूनिकॉर्न कंपनियां स्थित हैं। रिपोर्ट के अनुसार भारत में स्थित अधिकतर यूनिकॉर्न कंपनियां ई-कॉमर्स सेक्टर में आती हैं। रिपोर्ट के अनुसार, किसी स्टार्टअप को यूनिकॉन स्तर तक पहुंचने में चीन में साढ़े पांच साल, अमेरिका में साढ़े छह साल और भारत में करीब सात साल लगते हैं।

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