RINL Sale Update: RINL बिक्री के लिए लेनदेन सलाहकार बनने की दौड़ में शामिल हुईं यह पांच बड़ी कंपनियां

RINL Sale Update RINL में सरकार की 100 फीसदी हिस्सेदारी की बिक्री के लिए लेनदेन सलाहकार के रूप में काम करने की दौड़ में अर्न्स्ट एंड यंग एलएलपी और एसबीआई कैपिटल मार्केट्स सहित कम से कम पांच कंपनियां शामिल हैं।

Abhishek PoddarFri, 24 Sep 2021 05:02 PM (IST)
पांच कंपनियां RINL की बिक्री के लिए लेनदेन सलाहकार के रूप में काम करने की दौड़ में शामिल हैं।

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। अर्न्स्ट एंड यंग एलएलपी और एसबीआई कैपिटल मार्केट्स सहित कम से कम पांच कंपनियां RINL में सरकार की 100 फीसदी हिस्सेदारी की बिक्री के लिए लेनदेन सलाहकार के रूप में काम करने की दौड़ में शामिल हैं।

दीपम वेबसाइट पर एक नोटिस के अनुसार, डेलॉयट टौच तोहमात्सु इंडिया एलएलपी, जेएम फाइनेंशियल लिमिटेड और आरबीएसए कैपिटल एडवाइजर्स एलएलपी भी आरआईएनएल बिक्री के प्रबंधन के लिए, एक सलाहकार के रूप में कार्य करने के लिए बोली लगा रहे हैं। कंपनियां 30 सितंबर को निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सामने अपनी प्रस्तुती देंगी।

दीपम, जो सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में सरकार की इक्विटी का प्रबंधन करती है, ने 7 जुलाई को आरआईएनएल या विजाग स्टील के लिए लेनदेन सलाहकार नियुक्त करने के लिए प्रस्ताव के लिए अनुरोध (आरएफपी) जारी किया था। बोली लगाने की आखिरी तारीख 28 जुलाई थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 26 अगस्त कर दिया गया था।

यह सलाहकार सेवाएं प्रदान करने और RINL में सरकार की हिस्सेदारी के रणनीतिक विनिवेश के प्रबंधन के साथ-साथ RINL की सहायक कंपनियों / संयुक्त उद्यमों में हिस्सेदारी के लिए एक लेनदेन सलाहकार नियुक्त करेगा।

इसके अलावा, पांच कानूनी फर्मों चंडीओक एंड महाजन, इकोनॉमिक लॉज प्रैक्टिस, जे. सागर एसोसिएट्स, कोचर एंड कंपनी और लिंक लीगल नेआरआईएनएल की बिक्री के लिए कानूनी सलाहकार के रूप में कार्य करने के लिए बोली लगाई है। वे 30 सितंबर को दीपम के समक्ष प्रेजेंटेशन भी देंगे।

आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने 27 जनवरी को राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (आरआईएनएल) में सरकार की हिस्सेदारी के 100 फीसदी विनिवेश के लिए 'सैद्धांतिक' मंजूरी दे दी थी। इस कंपनी को विशाखापत्तनम स्टील प्लांट या विजाग स्टील भी कहा जाता है।

सरकार ने चालू वित्त वर्ष के लिए 1.75 लाख करोड़ रुपये के विनिवेश का लक्ष्य रखा है। अब तक उसने एक्सिस बैंक, एनएमडीसी लिमिटेड, हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉर्प (हुडको) और हिंदुस्तान कॉपर में हिस्सेदारी बेचकर करीब 9,110 करोड़ रुपये जुटाए हैं।

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