Petrol-Diesel पर टैक्‍स को लेकर हो सकता है बड़ा फैसला, GST काउंसिल की बैठक शुरू

GST Council की बैठक शुक्रवार यानि आज 17 सितंबर को उत्‍तर प्रदेश के लखनऊ में होगी। वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman की अध्यक्षता में इस बैठक में Petrol-Diesel समेत चार दर्जन से ज्‍यादा वस्तुओं पर टैक्स दर की समीक्षा की जा सकती है।

Ashish DeepFri, 17 Sep 2021 08:45 AM (IST)
यह जीएसटी परिषद की 45वीं बैठक होगी। (Pti)

नई दिल्‍ली, पीटीआइ। GST Council की बैठक शुक्रवार यानि आज 17 सितंबर को उत्‍तर प्रदेश के लखनऊ में हो रही है। वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman की अध्यक्षता में इस बैठक में Petrol-Diesel समेत चार दर्जन से ज्‍यादा वस्तुओं पर टैक्स दर की समीक्षा की जा सकती है। बैठक में 11 कोविड दवाओं पर टैक्स छूट को 31 दिसंबर तक बढ़ाने का भी फैसला हो सकता है। यह जीएसटी परिषद की 45वीं बैठक है। यह बैठक दो दिन चलेगी।

Council की बैठक में Petrol and diesel को जीएसटी के तहत लाने का मुद्दा सबसे बड़ा है। काउंसिल Food Delivery Agent Zomato और Swiggy को रेस्टोरेंट के रूप में मानने और उनकी डिलीवरी पर 5 प्रतिशत जीएसटी लगाने के प्रस्ताव पर भी विचार करेगी।

Finance Ministry के Tweet के मुताबिक निर्मला सीतारमण जीएसटी परिषद की 45वीं बैठक की अध्यक्षता करेंगी। बैठक में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के वित्त मंत्रियों और केंद्र सरकार व राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी शामिल होंगे।

सूत्रों ने कहा कि इस बैठक में Covid 19 से जुड़ी आवश्यक सामग्री पर शुल्क राहत की समयसीमा को भी आगे बढ़ाया जा सकता है। देश में इस समय वाहन ईंधन के दाम रिकॉर्ड ऊंचाई पर हैं। वर्तमान में राज्यों द्वारा पेट्रोल, डीजल की उत्पादन लागत पर वैट नहीं लगता बल्कि इससे पहले केंद्र द्वारा इनके उत्पादन पर उत्पाद शुल्क लगाया जाता है, उसके बाद राज्य उस पर वैट वसूलते हैं।

केरल हाईकोर्ट ने जून में एक याचिका पर सुनवाई के दौरान जीएसटी परिषद से पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के तहत लाने पर फैसला करने को कहा था। सूत्रों ने कहा कि न्यायालय ने परिषद को ऐसा करने को कहा है। ऐसे में इस पर परिषद की बैठक में विचार हो सकता है।

देश में GST व्यवस्था एक जुलाई, 2017 से लागू हुई थी। जीएसटी में केंद्रीय कर मसलन उत्पाद शुल्क और राज्यों के शुल्क मसलन VAT को समाहित किया गया था। लेकिन पेट्रोल, डीजल, एटीएफ, प्राकृतिक गैस तथा कच्चे तेल को जीएसटी के दायरे से बाहर रखा गया। इसकी वजह यह है कि केंद्र और राज्य सरकारों दोनों को इन उत्पादों पर Tax से भारी राजस्व मिलता है।

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