इस हफ्ते 10 करोड़ तक पहुंच सकती है ई-श्रम पोर्टल पर नामांकन की संख्या, हर दिन औसतन 10 लाख से ज्यादा इनरोलमेंट

ई-श्रम पोर्टल पर नामांकन कराने वाले श्रमिकों की संख्या काफी जल्द 10 करोड़ के आंकड़े तक पहुंचने वाली है। ई-श्रम पोर्टल पर अब तक लगभग कुल 9.7 करोड़ नामांकन हो चुके हैं। पोर्टल पर हर दिन औसतन 10 लाख से ज्यादा पंजीयन हो रहा है।

Abhishek PoddarMon, 29 Nov 2021 05:30 PM (IST)
ई-श्रम पोर्टल पर नामांकन की संख्या इस हफ्ते 10 करोड़ पहुंच सकती है।

नई दिल्ली, पीटीआई। असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए बनाए गए पोर्टल, ई-श्रम पोर्टल पर नामांकन कराने वाले श्रमिकों की संख्या काफी जल्द 10 करोड़ के आंकड़े तक पहुंचने वाली है। ई-श्रम पोर्टल पर अब तक लगभग कुल 9.7 करोड़ नामांकित हो चुके हैं। असंगठित क्षेत्र के कामगारों का एक डाटाबेस तैयार करने के उद्देश्य से श्रम और रोजगार मंत्रालय के द्वारा इस साल 26 अगस्त के दिन ई-श्रम पोर्टल को लॉन्च किया गया था। पोर्टल के मुताबिक, रविवार को 13.97 लाख श्रमिकों ने पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराया था, जबकि शनिवार को यह संख्या 14.95 लाख थी। एक दिन में औसतन 10 लाख पंजीयन की तादाद को देखते हुए ऐसी उम्मीद की जा रही है कि, इस हफ्ते में ही पोर्टल पर 10 करोड़ नामांकन दर्ज हो सकते हैं।

पोर्टल के नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक, ई-श्रम पोर्टल पर 9.7 करोड़ श्रमिक पंजीकृत हैं, जिसमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़े वर्ग जैसे सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों के श्रमिकों का अनुपात 72.46 फीसद है, जबकि 27.54 फीसद श्रमिक सामान्य वर्ग से आते हैं। इन आंकड़ों के मुताबिक, भारत में गांवों में विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक सेवाओं के वितरण के लिए एक्सेस प्वाइंट कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से 80.73 फीसद पंजीकरण किए गए थे।

ई-श्रम पोर्टल पर महिला श्रमिकों द्वारा नामांकन का अनुपात 52.08 फीसद, जबकि पुरुष श्रमिकों द्वारा 47.92 फीसद है। इससे यह पता चलता है कि ई-श्रम पोर्टल पर नामांकन कराने के मामले में महिला श्रमिकों की तादाद ज्यादा है। वहीं आयवार विश्लेषण से यह पता चलता है कि, नामांकित श्रमिकों में से 92.33 फीसद श्रमिकों की आय का स्तर 10,000 रुपये या उससे कम है, जबकि 5.62 फीसद पंजीकृत अनौपचारिक श्रमिकों की आय 10,001 रुपये से 15,000 रुपये प्रति माह है।

पोर्टल पर अनौपचारिक क्षेत्र के श्रमिकों के पंजीकरण के मामले में शीर्ष पांच राज्य पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, बिहार और झारखंड हैं। व्यवसाय वार विश्लेषण से पता चलता है कि नामांकन में कृषि क्षेत्र के श्रमिकों का अनुपात 50.49 फीसद है। जिसके बाद निर्माण कार्य (11.91 फीसद), घरेलू और घरेलू कामगार (9.13 फीसद ) और परिधान क्षेत्र (6.73 फीसद) का स्थान आता है।

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