LIC IPO के लिए हो गया है लीगल एडवाइजर का सेलेक्शन, सरकार ने इस कंपनी का किया है चुनाव

LIC IPO Latest News Update सरकार ने देश की सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी LIC के मेगा आईपीओ को लेकर कानूनी सलाह देने के लिए Cyril Amarchand Mangaldas को शॉर्टलिस्ट किया है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी है।

Ankit KumarSun, 26 Sep 2021 12:25 PM (IST)
दीपम ने मेगा आईपीओ के लिए लीगल एडवाइजर के चुनाव के लिए 15 जुलाई को RFP आमंत्रित किया था।

नई दिल्ली, पीटीआइ। सरकार ने देश की सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी LIC के मेगा आईपीओ को लेकर कानूनी सलाह देने के लिए Cyril Amarchand Mangaldas को शॉर्टलिस्ट किया है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी है। इसके लिए Crawford Bayley, Cyril Amarchand Mangaldas, Link Legal और Shardul Amarchand Mangaldas & Co जैसी चार लीगल कंपनियों ने 24 सितंबर को डिपार्टमेंट ऑफ इंवेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) के समक्ष अपना प्रजेंटेशन पेश किया था।

अधिकारी ने बताया कि प्रजेंटेशन के बाद लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (LIC) के इनिशियल पब्लिक ऑफर (IPO) पर कानूनी सलाह देने के लिए Cyril Amarchand Mangaldas का चयन किया गया।

दीपम ने मेगा आईपीओ के लिए लीगल एडवाइजर के चुनाव के लिए 15 जुलाई को RFP आमंत्रित किया था। बोली लगाने की आखिरी तारीख छह अगस्त थी। हालांकि, RFP को लेकर पर्याप्त प्रतिक्रिया नहीं मिली इसके बाद दो सितंबर को दीपम ने एक और RFP जारी किया और बोली लगाने के लिए 16 सितंबर की अंतिम तारीख मुकर्रर की।

बोलीदाताओं ने 24 सितंबर को दीपम के समक्ष अपने प्रजेंटेशन दिए। आईपीओ को मैनेज करने के लिए 10 मर्चेंट बैंकर्स का सेलेक्शन पहले ही हो चुका है। इस IPO को भारतीय इतिहास में सबसे बड़ा पब्लिक ऑफर बताया जा रहा है। इन मर्चेंट बैंकर्स में Goldman Sachs Group Inc, JPMorgan Chase & Co, ICICI Securities Ltd, Kotak Mahindra Capital Co, JM Financial Ltd, Citigroup Inc और Nomura Holdings Inc शामिल हैं।

सरकार का लक्ष्य 2022 की जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान LIC का आईपीओ लाना और उसके बाद कंपनी की लिस्टिंग कराना है।

सरकार देश की सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी LIC की शेयरधारिता हासिल करने की इजाजत विदेशी निवेशकों को देने पर भी विचार कर रही है।

सेबी के नियमों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशक (FPI) पब्लिक ऑफर में शेयर खरीद सकते हैं। हालांकि, चूंकि LIC अधिनियम में विदेशी निवेश का कोई प्रावधान नहीं है। ऐसे में विदेशी निवेशकों की भागीदारी के लिए एलआईसी के प्रस्तावित आईपीओ और सेबी के नियमों को एक-दूसरे के अनुरूप बनाए जाने की जरूरत है।

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