Future Retail, Future Enterprises के लोन के रिस्ट्रक्चरिंग प्लान को कामत समिति ने दी मंजूरी

फ्यूचर ग्रुप की अगुवाई करने वाले किशोर बियानी की फाइल फोटो (PC: PTI)

फ्यूचर ग्रुप की दो प्रमुख कंपनियों Future Retail और Future Enterprises के कर्ज के पुनर्गठन (Debt Restructuring) को आरबीआई द्वारा गठित विशेषज्ञ समिति ने मंजूरी दे दी है। इंडस्ट्री से जुड़े एक सूत्र ने यह जानकारी दी है।

Ankit KumarThu, 22 Apr 2021 02:37 PM (IST)

नई दिल्ली, पीटीआइ। फ्यूचर ग्रुप की दो प्रमुख कंपनियों Future Retail और Future Enterprises के कर्ज के पुनर्गठन (Debt Restructuring) को आरबीआई द्वारा गठित विशेषज्ञ समिति ने मंजूरी दे दी है। इंडस्ट्री से जुड़े एक सूत्र ने यह जानकारी दी है। उसने बताया कि दिग्गज बैंकर के वी कामत की अध्यक्षता वाली विशेषज्ञ समिति ने कोविड-19 के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के रिजॉल्यूशन फ्रेमवर्क के तहत इन कंपनियों की समाधान योजना (रिजॉल्यूशन प्लान) की स्वीकृति दे दी। किशोर बियानी फ्यूचर ग्रुप का नेतृत्व करते हैं। 

सूत्र ने बताया कि फ्यूचर ग्रुप की दो और कंपनियों Future Consumers and Future Lifestyle के रिजॉल्यूशन प्लान को कर्जदाताओं की समिति द्वारा मंजूरी दिए जाने की संभावना है।  

RBI ने कोरोनावायरस से संबंधित दबाव वाली परिसंपत्तियों के लिए वित्तीय मानदंड को लेकर सलाह देने के लिए पांच सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया था।  

Future Retail और Future Enterprises के कर्जदाता और बोर्ड पहले ही संबंधित रिस्ट्रक्चरिंग प्लान को अपनी मंजूरी दे चुके हैं।  

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सूत्र ने बताया कि अब कंपनियों और लेंडर्स को अन्य औपचारिकताओं को पूरा करना होगा और आखिर में इसे RBI के समक्ष प्रस्तुत करना होगा।  

इस सप्ताह फ्यूचर सप्लाई चेन सॉल्यूशन्स लिमिटेड के लेंडर्स ने भी कंपनी के लोन रिस्ट्रक्चिरंग प्लान को अपनी मंजूरी दे दी थी। हालांकि, इस कंपनी का कुल कर्ज 1,500 करोड़ रुपये की निर्धारित सीमा से कम था इसलिए इसे कामत समिति से अनुमति लेने की जरूरत नहीं है।  

बिग बाजार, FBB, हाइपरसिटी जैसे रिटेल चेन का संचालन करने वाले Future Retail Ltd (FRL) के कॉन्सोर्टियम में 28 बैंक शामिल हैं।   

Future Enterprises Ltd (FEL) के कॉन्सोर्टियम में 19 लेंडर्स हैं। इनमें एचडीएफसी बैंक, आईडीबीआई बैंक, इंडियन बैंक, एक्सिस बैंक, केनरा बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, इंडिया ओवरसीज बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ बड़ौदा शामिल हैं।

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