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अमेरिका में सूचीबद्ध शेयरों में निवेश कर काट सकते हैं मोटा मुनाफा, पहले जान लें ये महत्वपूर्ण बातें

अमेरिका में सूचीबद्ध शेयरों में निवेश कर काट सकते हैं मोटा मुनाफा, पहले जान लें ये महत्वपूर्ण बातें
Publish Date:Tue, 04 Aug 2020 01:58 PM (IST) Author: Pawan Jayaswal

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। शेयर बाजार में निवेश करना हर किसी के लिए एक चुनौतीपूर्ण काम रहा है। हालांकि, अगर आपके पास एक सही मार्गदर्शन है, तो घरेलू और वैश्विक दोनों ही शेयर बाजारों में निवेश आसान हो जाता है। अगर आप शेयर बाजार के मूलभूत सिद्धांतों को समझ लेते हैं, तो आप दुनिया के किसी भी शेयर बाजार में आसानी से निवेश कर सकते हैं। भारतीयों की एक बड़ी संख्या अमेरिकी शेयर बाजारों में निवेश के लिए सलाह मांग रही है। आज हम आपको कुछ ऐसी बातें बताने जा रहे हैं, जिन्हें आपको यूएस सूचकांक Nasdaq में निवेश करने से पहले जरूर जान लेना चाहिए। 

निवेश के मौकों को भुनाएं

दुनिया के विकसित देशों की तुलना में भारत एक स्मॉल से मिड कैप बाजार है, जो लार्ज-कैप बाजारों और कंपनियों में निवेश की संभावनाओं को सीमित करता है। भारत में लार्ज कैप की कंपनियां काफी कम हैं और कुछ सेक्टर्स तक ही सीमित हैं। दूसरी तरह अमेरिका एक बड़ा बाजार है और यहां पर्याप्त संख्या में बड़ी और लार्ज-कैप कंपनियां हैं। इससे वहां शेयर बाजारों में निवेश के कई प्रकार के अवसर मिल पाते हैं। इस समय कई अमेरिकी सूचीबद्ध कंपनियों में निवेश का मौका है। नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र, अंतरिक्ष, पर्यटन, ऑनलाइन मनोरंजन और ई-कॉमर्स सेक्टर में निवेश के कई मौके उपलब्ध हैं। अमेजन, जूम, नेटफ्लिक्स, माइक्रोसॉफ्ट और टेस्ला Nasdaq में लिस्टेड बड़ी कंपनियां हैं।

शेयर बाजारों की परफॉर्मेंस

निवेश किसी भी जगह हो, इससे अंतिम उम्मीद रिटर्न की ही होती है। पिछले पांच सालों में ब्लू-चिप इंडेक्स निफ्टी 29 फीसद बढ़ा है। दूसरी तरफ, इसी अवधि में Nasdaq 108 फीसद बढ़ा है। निवेशकों के लिए अपना निर्णय तय करने में रिटर्न का यह फर्क पर्याप्त है।

दिग्गज टेक कंपनियों में निवेश

लोगों के जीवन जीने और काम करने के तरीकों में बदलाव ला रही दिग्गज टेक कंपनियों में निवेश के लिए भारतीय निवेशक उत्सुक रहते हैं। दुनिया की दिग्गज टेक कंपनियां  Nasdaq में लिस्टेड हैं। इसलिए निवेशकों के पास अपनी संपत्ति को बढ़ाने के लिए इस सूचकांक में निवेश करने का अच्छा मौका रहता है। वहीं, विदेशी बाजारों में निवेश से निवेशकों को मुद्रा के उतार-चढ़ाव के जोखिम को कम करने में मदद मिलती है।

इस तरह करें शुरुआत

एक्सपर्ट्स के अनुसार, निवेशकों को अपने निवेश पोर्टफोलियो का 10 से 15 फीसद निवेश वैश्विक बाजारों में कर इसकी शुरुआत करनी चाहिए। निवेशक किसी विशेष शेयर का चुनाव कर या म्युचुअल फंड के जरिए भी ऐसा कर सकते हैं।

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