डिजिटल भुगतान स्टैक का लाभ लेने के लिए उत्सुक है भारत, वैश्विक स्तर पर कई नियामकों से हो रही है बातचीत: NPCI

भारत डिजिटल भुगतान क्षेत्र में अपने द्वारा बनाए गए स्टेक का लाभ उठाने के लिए उत्सुक है और अपनी भुगतान प्रणाली बनाने के लिए कई सारे देशों तक अपनी पहुंच बनाने की योजना के बारे में सोच कर रहा है।

Abhishek PoddarPublish:Fri, 03 Dec 2021 03:33 PM (IST) Updated:Fri, 03 Dec 2021 03:33 PM (IST)
डिजिटल भुगतान स्टैक का लाभ लेने के लिए उत्सुक है भारत, वैश्विक स्तर पर कई नियामकों से हो रही है बातचीत: NPCI
डिजिटल भुगतान स्टैक का लाभ लेने के लिए उत्सुक है भारत, वैश्विक स्तर पर कई नियामकों से हो रही है बातचीत: NPCI

नई दिल्ली, पीटीआइ। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) अपनी भुगतान प्रणाली बनाने के लिए कई सारे देशों तक अपनी पहुंच बनाने की योजना के बारे में सोच कर रहा है। भारत डिजिटल भुगतान क्षेत्र में अपने द्वारा बनाए गए स्टेक का लाभ उठाने के लिए उत्सुक है। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) के एमडी और सीईओ दिलीप असबे ने शुक्रवार को बयान देते हुए यह जानकारी साझा की है। आईएफएससीए और ब्लूमबर्ग द्वारा आयोजित किए गए इनफिनिटी फोरम 2021 में बोलते हुए दिलीप आसबे ने कहा कि, "विभिन्न देशों को अपने स्थानीय स्टैक बनाने की जरूरत है क्योंकि हर देश की अपनी स्थानीय विविधता, योजनाएं और जटिलताएं होती हैं। एनपीसीआई में हम दृढ़ता से यह मानते हैं कि हर देश का अपना स्टैक होना चाहिए। भारत ने भी दुनिया को समर्थन देना शुरू कर दिया है। हम बीआईएस (बैंक ऑफ इंटरनेशनल सेटलमेंट्स) के साथ काम करते हैं। इसके अलावा हम विश्व बैंक के साथ भी काम कर रहे हैं। हम कई देशों तक अपनी पहुंच को सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं। इसके साथ ही हम भारतीय मिशनों के माध्यम से अन्य देशों की सरकारों के 50 से 60 नियामकों तक पहुंच चुके हैं। हम वास्तव में उस स्टैक का लाभ उठाना चाहते हैं जिसे हमने बहुत प्रयास के साथ बनाया है।"

क्या है एनपीसीआई

भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) भारत में खुदरा भुगतान और निपटान प्रणाली के लिए एक संगठन, भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007, के प्रावधानों के तहत भारत में एक मजबूत भुगतान और निपटान अवसंरचना बनाने के लिए, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और भारतीय बैंक संघ (आईबीए) की एक पहल है। एनपीसीआई को कंपनी अधिनियम 2013 की धारा 25 के प्रावधानों के तहत एक कंपनी के तौर पर शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य फिजिकल के साथ इलेक्ट्रॉनिक भुगतान और निपटान प्रणाली के लिए भारत में संपूर्ण बैंकिंग प्रणाली में बुनियादा ढांचा प्रदान करना है।