...तो इस वजह से 62 फीसद होममेकर्स खुद का व्यवसाय करना चाहती हैं शुरू, जानिए क्या कहता है सर्वे

रिपोर्ट के मुताबिक 81 फीसद गृहिणियों का कहना है कि अगर उनका खुद का व्यवसाय रहेगा तो उनके भीतर आत्मविश्वास बढ़ेगा। 78 फीसद गृहणियां इससे खुद को सशक्त महसूस कर सकेंगी जबकि 63 फीसद ने कहा कि इससे उनको समाज में ज्यादा सम्मान मिलेगा।

NiteshThu, 16 Sep 2021 12:36 PM (IST)
62 Percent homemakers aspire to start business of their own

नई दिल्ली, पीटीआइ। आर्थिक रूप से स्वतंत्र होने की इच्छा और परिवार में आर्थिक रूप से योगदान करने की क्षमता के चलते ज्यादातर गृहणियां खुद का व्यवसाय शुरू करना चाहती हैं। इनकी संख्या तक़रीबन 62 फीसद है, इंडियन Homemakers Entrepreneurship Report 2021 में ये जानकारी सामने आई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, 81 फीसद गृहिणियों का कहना है कि अगर उनका खुद का व्यवसाय रहेगा तो उनके भीतर आत्मविश्वास बढ़ेगा। 78 फीसद गृहणियां इससे खुद को सशक्त महसूस कर सकेंगी, जबकि 63 फीसद ने कहा कि इससे उनको समाज में ज्यादा सम्मान मिलेगा। इस रिपोर्ट को एक सर्वे के आधार पर बनाया गया है, जिसमें देश के 13 अलग-अलग शहरों में 1,818 गृहणियों को शामिल किया गया।

रिपोर्ट में बताया गया है कि 73 फीसद गृहणियों को घर की जिम्मेदारियों के कारण समय नहीं मिल पाता आर वे खुद का कारोबार शुरू नहीं कर पाती हैं, जबकि मार्गदर्शन की कमी के कारण 53 फीसद और वित्तपोषण की कमी की वजह से 50 फीसद गृहणियां अपने व्यवसाय शुरू नहीं कर पाती हैं। इंडियन होममेकर्स एंटरप्रेन्योरशिप रिपोर्ट 2021 प्रमुख खाद्य कंपनी ब्रिटानिया द्वारा समर्थित है और अध्ययन करने के लिए गृहणियों के बीच एक राष्ट्रव्यापी सर्वेक्षण पर आधारित है।

रिपोर्ट में बताया गया कि गृहणियों की कुछ लोकप्रिय व्यवसाय चल रहे हैं, जिनमें बुटीक (16 फीसद), होम ट्यूटरिंग (10 फीसद), आभूषण (7 फीसद), ब्यूटी पार्लर हैं।

Google की सीनियर मार्केटिंग डायरेक्टर (भारत और दक्षिण पूर्व एशिया) सपना चड्ढा ने कहा, 'Google में हम जो कुछ भी करते हैं उसके मूल में अवसर और समावेश है। अपने उत्पादों और कार्यक्रमों के माध्यम से हमने आय उत्पन्न करने के लिए डिजिटल टूल का लाभ उठाने के लिए भारत में लाखों महिलाओं का समर्थन किया है। चड्ढा ने कहा कि महिलाओं को डिजिटल के माध्यम से उद्यमिता के अवसरों को अपनाने में मदद करने से उन पर और उनके परिवारों, समुदाय और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक बदलाव हुआ है।

 

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