मेक इन इंडिया सेमीकंडक्टर के लिए सरकार लाएगी इंसेंटिव स्कीम, MSME और स्टार्टअप को दी जाएगी मदद

हमें उम्मीद है कि अगले कुछ वर्षो में 25 से अधिक ऐसी कंपनियां देश में स्थापित हो सकेंगी जो वैश्विक सेमीकंडक्टर के बाजार को प्रभावित करेंगी। बता दें कि कंपनियों के राजस्व में सबसे अधिक हिस्सा सेमीकंडक्टर डिजाइन का है।

NiteshWed, 27 Oct 2021 11:55 AM (IST)
Government will bring incentive scheme for Make in India Semiconductor

नई दिल्ली, पीटीआइ। देश में सेमीकंडक्टर के निर्माण को बढ़ावा देने और वैश्विक इलेक्ट्रानिक चिप कंपनियों को आकर्षित करने के लिए सरकार डिजाइन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम लाएगी। क्वालकाम, मीडियाटेक, इंटेल, इंफीनियोन और टेक्सास इंस्ट्रूमेंटस जैसी वैश्विक कंपनियों के रिसर्च और डेवलपमेंट सेंटर देश के अंदर हैं, जो उनके चिपसेट विकास में योगदान करते हैं।

एक अधिकारी ने बताया, 'सरकार एक नई सेमीकंडक्टर डिजाइन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम लाने पर विचार कर रही है। इसके तहत एमएसएमई और स्टार्टअप को ना केवल वित्तीय मदद दी जाएगी बल्कि मैन्यूफैक्चरिंग के दौरान भी प्रोत्साहन दिया जाएगा। इतना ही जब ये स्टार्टअप चिप का उत्पादन और बिक्री शुरू करेंगे तो वे शुद्ध बिक्री पर अतिरिक्त प्रोत्साहन का भी लाभ उठा सकेंगे।'

सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने पिछले सप्ताह कहा था कि सरकार इस क्षेत्र में रोडमैप पर चर्चा के लिए नवंबर में सेमीकंडक्टर कंपनियों के एक सम्मेलन की मेजबानी करेगी। उद्योग संगठन आइईएसए के चेयरमैन राजीव खुशु ने कहा, 'यह एक बड़ी पहल है जो सेमीकंडक्टर के डिजाइन के क्षेत्र उल्लेखनीय योगदान देगी।

हमें उम्मीद है कि अगले कुछ वर्षो में 25 से अधिक ऐसी कंपनियां देश में स्थापित हो सकेंगी जो वैश्विक सेमीकंडक्टर के बाजार को प्रभावित करेंगी।' बता दें कि कंपनियों के राजस्व में सबसे अधिक हिस्सा सेमीकंडक्टर डिजाइन का है।

आयात शुल्क घटते ही खाद्य तेलों के दाम में नरमी

लंबे समय के बाद सरसों के तेल और रिफाइंड के दाम में कमी दर्ज की गई है। कुछ समय पहले 190 रुपये प्रति लीटर का भाव पार कर चुका सरसों का तेल अब 175 रुपये के भाव में बिक रहा है। केंद्र सरकार द्वारा आयात शुल्क में की गई कटौती को इसकी वजह माना जा रहा है। पिछले महीने 155 रुपये प्रति लीटर में बिक रहा रिफाइंड आयल अब 150 रुपये प्रति लीटर का रह गया है।

त्योहारी सीजन में यह कीमतें रसोई को राहत देने वाली हैं। अरहर समेत विभिन्न दालों की कीमतें भी कम हुई हैं। रिफाइंड की कीमतें भी घटी हैं।केंद्र सरकार द्वारा आयात शुल्क 15 रुपये प्रति लीटर घटाने के बाद बड़ी कंपनियों ने रिफाइंड के भाव पांच से छह रुपये कम किए हैं। ग्राहकों का कहना है केंद्र सरकार ने शुल्क में जितनी कटौती की है, कंपनियों को भी उतनी करनी चाहिए। असल में किसानों ने इस बार सरसों की फसल मंडी में नहीं बेची, क्योंकि खुले बाजार में भाव एमएसपी का तीन गुना तक पहुंच गया था। इससे तेल महंगा हुआ, लेकिन किसानों को इसका बड़ा फायदा मिला।

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