Gold Hallmarking : घर में रखे आपके सोने को ऐसे हॉलमार्क करेंगे ज्‍वेलर, सरकार ने बताया तरीका

Gold Hallmarking पर ज्‍वेलर्स को बड़ी छूट मिल गई है। सरकार ने ऐलान किया है कि अगस्‍त 2021 तक पुराने स्टॉक पर हॉलमार्क को लेकर कोई पेनाल्टी नहीं लगेगी। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने ज्‍वेलर्स एसोसिएशन के साथ बैठक के बाद यह फैसला किया।

Ashish DeepWed, 16 Jun 2021 09:08 AM (IST)
हॉलमार्किंग की व्यवस्था 16 जून से प्रभाव में आ गई है। (Pti)

नई दिल्‍ली, पीटीआइ। Gold Hallmarking पर ज्‍वेलर्स को बड़ी छूट मिल गई है। सरकार ने ऐलान किया है कि अगस्‍त 2021 तक पुराने स्टॉक पर हॉलमार्क को लेकर कोई पेनाल्टी नहीं लगेगी। केंद्रीय वाणिज्य और उपभोक्ता मामलों के मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने ज्‍वेलर्स एसोसिएशन के साथ बैठक के बाद यह फैसला किया।

उन्‍होंने Tweet किया कि स्वर्ण आभूषणों और कलाकृतियों पर अनिवार्य रूप से हॉलमार्किंग की व्यवस्था 16 जून से प्रभाव में आ गई है। इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा और शुरू में 256 जिलों में इसे क्रियान्वित किया जाएगा। हॉलामार्किंग मूल्यवान धातु की शुद्धता का प्रमाणपत्र है और फिलहाल यह व्यवस्था स्वैच्छिक रखी गई थी।

पुराना सोना ऐसे बिकेगा

जौहरी उपभोक्ताओं से बिना हॉलमार्क वाले सोना खरीदना जारी रख सकते हैं। पुराने आभूषणों को पिघलाने और नए आभूषण बनाने के बाद जौहरी द्वारा व्यावहारिक होने पर हॉलमार्क किया जा सकता है।

16 जून से व्‍यवस्‍था

उल्लेखनीय है कि सरकार ने 2019 में स्वर्ण आभूषणों और कलाकृतियों पर 15 जनवरी, 2021 से हॉलमार्किंग अनिवार्य किये जाने की घोषणा की थी। लेकिन बाद में समयसीमा चार महीने के लिए 1 जून तक बढ़ा दी गई। बाद में जौहरियों की महामारी के कारण समयसीमा आगे बढ़ाए जाने के अनुरोध के बाद इसे 15 जून कर दिया गया।

अगस्‍त तक छूट

पीयूष गोयल ने ट्विटर पर लिखा-हमारी सरकार का ग्राहकों की बेहतर सुरक्षा और संतुष्टि का निरंतर प्रयास रहा है। इसी कड़ी में 16 जून, 2021 में 256 जिलों में हॉलमार्किंग अनिवार्य रूप से लागू किया जा रहा है। अगस्त 2021 तक इस मामले में कोई जुर्माना नहीं लगाया जाएगा।

256 जिलों में होगी लागू

उपभोक्ता मामलों की सचिव लीना नंदन ने कहा अनिवार्य हॉलमार्किंग व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। शुरू में 256 जिलों में इसे लागू किया जाएगा, जहां मूल्यवान धातु की शुद्धता की जांच के लिए केंद्र हैं। सचिव ने कहा कि बैठक में उद्योग की चिंताओं को दूर किया गया है।

40 लाख तक के कारोबारी को छूट

आधिकारिक बयान के अनुसार गहन विचार-विमर्श के बाद सरकार ने आभूषण क्षेत्र में कुछ इकाइयों के लिये अनिवार्य हॉलामार्किंग व्यवस्था से छूट दी है। उदाहरण के लिए 40 लाख रुपये तक के सालाना कारोबार वाले आभूषण निर्माताओं को अनिवार्य हॉलमार्किंग से छूट दी जाएगी।

कुछ इकाइयों को भी छूट

इस व्यवस्था से उन इकाइयों को भी छूट दी गई है, जो सरकार की व्यापार नीति के तहत आभूषण का निर्यात और पुन:आयात करते हैं। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी के साथ-साथ सरकार की मंजूरी वाले बी2बी (व्यापारियों के बीच) घरेलू प्रदर्शनी के लिए भी इससे छूट होगी।

14, 18 और 22 कैरेट gold

बयान के मुताबिक 16 जून से 256 जिलों के जौहरियों को केवल 14, 18 और 22 कैरेट सोने के आभूषण बेचने की अनुमति होगी। अतिरिक्त 20, 23 और 24 कैरेट के सोने के लिये भी हॉलमार्किंग की अनुमति होगी। इसके अलावा सरकार ने कहा कि उसने घड़ियों, फाउंटेन पेन में इस्तेमाल सोने और कुंदन, पोल्की तथा जड़ाऊ आभूषणों पर अनिवार्य हॉलमार्किंग से छूट दी है।

समिति का गठन

सरकार ने इस मुद्दे को देखने के लिए सभी पक्षों, राजस्व अधिकारियों और कानूनी विशेषज्ञों की एक समिति गठित करने का निर्णय किया है। सोने पर अनिवार्य हॉलमार्किंग से लोग धोखाधड़ी से बचेंगे और उन्हें शुद्धता के लिहाज से वही चीज मिलेगी, जिसके लिये उन्होंने भुगतान किया है। भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) अप्रैल 2000 से सोने के आभूषणों के लिए हॉलमार्किंग योजना चला रहा है। वर्तमान में लगभग 40 प्रतिशत सोने के आभूषणों की हॉलमार्किंग की जा रही है।

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