ऑटो और बिस्कुट सेक्टर को नहीं मिलेगी GST से राहत, समिति ने 28 से 18 फीसद की मांग को किया खारिज

नई दिल्ली, पीटीआइ। जीएसटी काउंसिल की शुक्रवार को होने वाली बैठक से पहले अधिकारियों की एक समिति ने बिस्कुट से लेकर कार तक पर जीएसटी में कटौती की मांग को खारिज कर दिया। समिति का कहना है कि इससे केंद्र और राज्य के राजस्व संग्रह में कमी आ जाएगी।

परिषद की फिटमेंट कमेटी जिसमें केंद्र और राज्यों दोनों के राजस्व अधिकारी शामिल हैं, उन्होंने ऑटो सेक्टर में पिछले तीन तिमाहियों के लिए मंदी को मात देने के लिए जीएसटी दर में कमी की मांग पर गौर तो किया, लेकिन समिति का मानना ​​था कि रेट में कटौती से कर संग्रह कम होगा जो कि फिलहाल कुल जीएसटी के हिसाब से ऑटो बिक्री से 50,000-60,000 करोड़ रुपये का योगदान देता है। बता दें कि ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री लंबे समय से गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) की दर को मौजूदा 28 फीसद से घटाकर 18 फीसद करने की मांग कर रही है।

हालांकि, होटल उद्योग के लिए अच्छी खबर है। समिति ने सिफारिश की है कि 12,000 रुपये तक के होटल कमरों (एक रात्रि के लिए) को 18 फीसद जीएसटी के दायरे में लाया जा सकता है। मौजूदा समय में 7,500 रुपये तक के कमरों पर 18 फीसद जीएसटी लगता है। सूत्रों ने बताया कि समिति ने दूरसंचार मंत्रालय के दूरसंचार सेवाओं पर जीएसटी दर को 18 से घटाकर 12 फीसद करने की मांग को भी खारिज कर दिया है। साथ ही समिति ने बिस्कुट, बेकरी उत्पाद, नाश्ते के अनाज, फल और सब्जियां, बोतलबंद पानी, रेडी टु ईट पैकेज्ड उत्पाद और कई अन्य खाद्य वस्तुओं पर जीएसटी दर किसी बदलाव से इंकार किया है। 

सूत्रों ने बताया कि समिति ने क्रूज टिकट की बिक्री पर भी जीएसटी दर घटाने से इनकार कर दिया है। अभी इस पर 18 फीसद जीएसटी लगता है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अगुवाई वाली जीएसटी परिषद की महत्वपूर्ण बैठक 20 जुलाई को गोवा में होने जा रही है। जीएसटी परिषद फिटमेंट समिति की सिफारिशों पर अंतिम फैसला करेगी।

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