क्या है e-RUPI जिसे आज लॉन्च करने वाले हैं PM मोदी, जानिए इसकी खूबी, कैसे करता है काम

e RUPI launch today प्रधानमंत्री ने एक ट्वीट में कहा डिजिटल टेक्नोलॉजी से लोगों के जीवन में व्यापक बदलाव आ रहा है और इससे जिंदगी भी सुगम हो रही है। कल दो अगस्त को साढ़े चार बजे अत्याधुनिक डिजिटल भुगतान समाधान ‘ई-रुपी’ की शुरुआत की जाएगी।

NiteshMon, 02 Aug 2021 07:56 AM (IST)
'e RUPI के कुछ फायदे इस प्रकार हैं। कैशलेस और संपर्क रहित डिजिटल लेनदेन

नई दिल्ली, पीटीआइ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी 2 अगस्त को शाम 4.30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से e-RUPI लॉन्च करेंगे। यह डिजिटल पेमेंट के लिए कैशलेस और कॉनटैक्ट लेस माध्यम है। PM मोदी ने रविवार को डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म ‘‘e-RUPI’’ के फायदे गिनाए और कहा कि डिजिटल टेक्नोलॉजी लोगों के जीवन में व्यापक बदलाव ला रहा है और इससे जीवन भी आसान बन रहा है।

प्रधानमंत्री ने एक ट्वीट में कहा, 'डिजिटल टेक्नोलॉजी से लोगों के जीवन में व्यापक बदलाव आ रहा है और इससे जिंदगी भी सुगम हो रही है। कल दो अगस्त को साढ़े चार बजे अत्याधुनिक डिजिटल भुगतान समाधान ‘ई-रुपी’ की शुरुआत की जाएगी। यह यूजर्स को बहुत सारे फायदे पहुंचाएगा।'

उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, 'ई-रुपी के कुछ फायदे इस प्रकार हैं। कैशलेस और संपर्क रहित डिजिटल लेनदेन और सेवा प्रायोजकों व लाभार्थियों को जोड़ता है। विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को खामी रहित वितरण करता है।'

 

e-RUPI के बारे में

बता दें की ‘‘e-RUPI’’ को नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने अपने UPI Platform पर वित्तीय सेवा विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के सहयोग से विकसित किया है। यह बिना किसी फिजीकल इंटरफेस के डिजिटल तरीके से लाभार्थियों और सर्विस प्रोवाइडर के साथ सर्विस के स्पॉन्सर को जोड़ता है।

e-RUPI डिजिटल पैमेंट के लिए कैशलेस और कॉन्टैक्टलस साधन है। यह एक QR code या SMS स्ट्रिंग-बेस्ड ई-वाउचर है, जिसे लाभार्थियों के मोबाइल पर पहुंचाया जाता है। इस पैमेंट मैकेनिज्म के यूजर्स सर्विस प्रोवाइडर पर बिना कार्ड, डिजिटल पैमेंट ऐप या इंटरनेट बैंकिंग एक्सेस के बिना वाउचर को रिडीम कर सकते हैं। कल्याण सेवाओं की लीक-प्रूफ डिलीवरी सुनिश्चित करने की दिशा में यह एक क्रांतिकारी कदम साबित हो सकता है।

इसका उपयोग आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, उर्वरक सब्सिडी आदि जैसी योजनाओं के तहत मातृ एवं बाल कल्याण योजनाओं, टीबी उन्मूलन कार्यक्रमों, दवाओं और निदान के तहत दवाएं और पोषण सहायता देने के लिए योजनाओं के तहत किया जा सकता है। निजी क्षेत्र भी कर्मचारी कल्याण और कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी कार्यक्रमों के हिस्से के रूप में इन डिजिटल वाउचर का लाभ उठा सकते हैं।

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