मोबाइल फोन निर्माण व बिक्री पर कोरोना संकट भारी, स्थिति सामान्य होने पर ही बिक्री में तेजी की उम्मीद

मोबाइल के लिए प्रतीकात्मक तस्वीर P C : Pexels

Mobile Phone कंपनियों के मुताबिक लगभग 15 फीसद बिक्री ई-कॉमर्स के माध्यम से होती है जो लॉकडाउन वाले राज्यों में पूरी तरह से बंद है। आइसीईए के चेयरमैन पंकज महेंद्र ने बताया कि मोबाइल की बिक्री काफी प्रभावित हुई है और अभी यह कहना मुश्किल है कि आगे क्या होगा।

Pawan JayaswalMon, 17 May 2021 01:33 PM (IST)

नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। कोरोना की दूसरी लहर से स्मार्टफोन व लैपटॉप जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों की मैन्यूफैक्चरिंग और बिक्री दोनों ही प्रभावित हुई है। इंडियन सेल्यूलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (आइसीईए) के मुताबिक देश में रोजाना औसतन 10 लाख फोन बिकते थे, जो अभी बुरी तरह प्रभावित हैं। इंटरनेशनल डाटा कॉरपोरेशन (आइडीसी) के अनुमान के मुताबिक कोरोना की दूसरी लहर की वजह से इस वर्ष अप्रैल-जून तिमाही में स्मार्टफोन व लैपटॉप जैसी वस्तुओं की बिक्री में बढ़ोतरी की चुनौती रहेगी।

मोबाइल फोन कंपनियों के मुताबिक लगभग 15 फीसद बिक्री ई-कॉमर्स के माध्यम से होती है जो लॉकडाउन वाले राज्यों में पूरी तरह से बंद है। आइसीईए के चेयरमैन पंकज महेंद्र ने बताया कि मोबाइल फोन की बिक्री काफी प्रभावित हुई है और अभी यह कहना मुश्किल है कि आगे क्या होगा।

भारत में मोबाइल फोन बनाने वाली कंपनियों में से कई का कहना है कि पिछले एक महीने के दौरान मोबाइल फोन मैन्यूफैक्चरिंग में कई कारणों से कमी आई है। सेमीकंडक्टर व कई अन्य जरूरी आइटम की कमी के साथ कर्मचारियों के कोरोना से संक्रमित होने की वजह से उत्पादन प्रभावित हुआ है। जिन कंपनियों के पास मोबाइल फोन कंपोनेंट का पुराना स्टॉक पड़ा है, उनकी यूनिट में उत्पादन कार्य गति से चल रहा है।

पिछले दो महीनों में मोबाइल फोन की बिक्री में भी कमी आई है। हालांकि कंपनियां अप्रैल और मई की बिक्री और उत्पादन में होने वाली कमी की सटीक जानकारी नहीं दे रही हैं। आइडीसी की रिपोर्ट के मुताबिक इस वर्ष पहली तिमाही (जनवरी-मार्च) के दौरान देश में स्मार्टफोन की बिक्री पिछले साल की पहली तिमाही के मुकाबले 18 बढ़ी थी।

हालांकि, अप्रैल-मई की बिक्री में होने वाली गिरावट का अभी अनुमान नहीं लगाया गया है। कंपनियों के मुताबिक अप्रैल-जून तिमाही में बिक्री में बढ़ोतरी की उम्मीद नहीं की जा सकती है विभिन्न राज्यों में लॉकडाउन की वजह से वहां मोबाइल फोन की ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों माध्यमों से बिक्री बंद है।

सभी राज्यों में लॉकडाउन हटने के बाद ही धीरे-धीरे बिक्री में बढ़ोतरी की उम्मीद की जा सकती है। कंपनियां यह भी मान रही हैं कि इस वर्ष देशव्यापी लॉकडाउन नहीं होने से उत्पादन पूरी तरह ठप नहीं हुआ है। जिन राज्यों में लॉकडाउन जैसी स्थिति है, वहां भी उत्पादन यूनिट चलाने की कोई मनाही नहीं है। लेकिन कोरोना संक्रमण की दर इस बार काफी अधिक होने से कर्मचारियों की कमी हो रही है।

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.