शॉपिंग के लिए बाजारों में उमड़ी भीड़, जानिए आंकड़ों की जुबानी अगस्त में कैसी रही सेल

रिटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (RAI) द्वारा खुदरा व्यापार सर्वेक्षण के अनुसार त्योहारी सीजन के चलते अगस्त में खुदरा बिक्री दर में सुधार हुआ है और यह 88 फीसद तक पहुंच गया था। जुलाई में खुदरा बिक्री साल 2019 के पूर्व-महामारी के स्तर का 72 फीसद तक थी।

Abhishek PoddarThu, 16 Sep 2021 01:52 PM (IST)
अगस्त में खुदरा बिक्री दर में सुधार हुआ है और यह 88 फीसद तक पहुंच गया था।

नई दिल्ली, पीटीआइ। त्योहारी सीजन के चलते अगस्त में खुदरा बिक्री दर में सुधार हुआ है और यह 88 फीसद तक पहुंच गया था। बुधवार को एक सर्वेक्षण के हवाले से यह जानकारी सामने आई है। रिटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (RAI) द्वारा खुदरा व्यापार सर्वेक्षण के अनुसार, जुलाई में खुदरा बिक्री साल 2019 के पूर्व-महामारी के स्तर का 72 फीसद तक थी।

"भारत के उत्तर और दक्षिण इलाकों में खुदरा व्यवसायों ने अगस्त 2021 में बिक्री में सुधार के करीब 98 फीसद और 97 फीसद की बिक्री के साथ उत्तर भारत के इलाकों में महामारी के पहले के स्तर (अगस्त 2019) के 78 फीसद के मुकाबले संकेत दिया है। इसके साथ ही दक्षिण भारत में जुलाई 2021 में 82 प्रतिशत की बिक्री हुई है।

पश्चिमी और पूर्वी बाजारों में बिक्री पूर्व-महामारी के स्तर (अगस्त 2019) के 76 फीसद और 81 फीसद तक पहुंच गई थी। जुलाई 2021 में यह आंकड़ा क्रमश: 57 फीसदी और 69 फीसदी था। आरएआई को उम्मीद है कि त्योहारी सीजन खुदरा उद्योग और इसमें कार्यरत लोगों के लिए खुशियां वापस लाएगा।

कुछ श्रेणियों में पूर्व-महामारी के स्तर पर भी वृद्धि देखी गई। क्विक सर्विस रेस्तरां (क्यूएसआर) की बिक्री अगस्त 2019 की तुलना में 12 फीसद बढ़ी, जबकि 'खाद्य और किराने का सामान' श्रेणी में 4 फीसद की वृद्धि दर्ज की गई।

इस सर्वेक्षण में यह भी कहा गया है कि, "हालांकि, ब्यूटी एंड वेलनेस, जिसमें सैलून, परिधान, जूते और आभूषण शामिल हैं, अभी तक बिक्री के पूर्व-महामारी के स्तर तक नहीं पहुंच पाए हैं। कपड़ों और सहायक उपकरण श्रेणी में वृद्धि होने पर समग्र उद्योग की भावना में सुधार होगा।"

आरएआई के सीईओ कुमार राजगोपालन ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस साल त्योहारी खरीदारी से अधिकांश खुदरा विक्रेताओं के लिए विकास होगा, कुछ खुदरा विक्रेताओं के पूर्व-महामारी के स्तर की तुलना में बेहतर बिक्री करने की संभावना है। हालांकि इस समय वसूली सभी श्रेणियों में उत्साहजनक लग रही है, खुदरा विक्रेताओं ने महामारी की तीसरी लहर की संभावना के कारण सतर्क आशावाद बनाए रखा है।

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