क्रिप्टोकरेंसी को अनुमति देने से खत्म हो सकता है मुद्रा आपूर्ति पर आरबीआइ का नियंत्रण: पूर्व आरबीआइ गवर्नर डी सुब्बाराव

आरबीआई के पूर्व गवर्नर रहे डी सुब्बाराव का यह मानना है कि अगर देश में क्रिप्टोकरेंसी की अनुमति दी जाती है तो केंद्रीय बैंक मुद्रा आपूर्ति और मुद्रास्फीति प्रबंधन पर नियंत्रण खो सकता है। उनके अनुसार सीबीडीसी को भी मजबूत डेटा संरक्षण कानूनों की जरूरत है।

Abhishek PoddarPublish:Thu, 09 Dec 2021 03:20 PM (IST) Updated:Fri, 10 Dec 2021 06:29 AM (IST)
क्रिप्टोकरेंसी को अनुमति देने से खत्म हो सकता है मुद्रा आपूर्ति पर आरबीआइ का नियंत्रण: पूर्व आरबीआइ गवर्नर डी सुब्बाराव
क्रिप्टोकरेंसी को अनुमति देने से खत्म हो सकता है मुद्रा आपूर्ति पर आरबीआइ का नियंत्रण: पूर्व आरबीआइ गवर्नर डी सुब्बाराव

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर डी सुब्बाराव ने क्रिप्टोकरेंसी को लेकर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की है। केंद्रीय बैंक के पूर्व गवर्नर ने क्रिप्टोकरेंसी पर बयान देते हुए यह कहा है कि, "अगर देश में क्रिप्टोकरेंसी की अनुमति दी जाती है तो केंद्रीय बैंक मुद्रा आपूर्ति और मुद्रास्फीति प्रबंधन पर नियंत्रण खो सकता है।" आरबीआइ के पूर्व गवर्नर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) और न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी (एनवाईयू) स्टर्न स्कूल ऑफ बिजनेस द्वारा आयोजित एक वेबिनार को संबोधित कर रहे थे, जहां पर उन्होंने यह बात कही।

डी सुब्बाराव ने वेबिनार को संबोधित करते हुए यह कहा कि, "भारत के मामले में केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (सीबीडीसी) जारी करना ठोस कदम नहीं हो सकता, क्योंकि पूंजी नियंत्रित है। क्रिप्टो एल्गोरिदम द्वारा समर्थित है और डर है कि केंद्रीय बैंक पैसे की आपूर्ति और मुद्रास्फीति प्रबंधन पर नियंत्रण खो सकता है। ऐसी भी चिंताएं हैं कि क्रिप्टो मौद्रिक नीति को बाधित करेगा।"

इसके अलावा उन्होंने अपने दिए गए बयान में यह भी कहा कि, "क्रिप्टो पूंजी नियंत्रण से जंप कर सकता है, क्योंकि फिएट मुद्रा आरक्षित मुद्रा से जुड़ी हुई है।" साल 2008 से 2013 तक आरबीआई के गवर्नर रहे राव के मुताबिक, "सीबीडीसी को भी मजबूत डेटा संरक्षण कानूनों की जरूरत है। भारत में नकदी की निकासी हो रही है और डिजिटल भुगतान लोकप्रिय हो रहे हैं। महामारी के कारण, मुद्रा प्रचलन में वृद्धि हुई है, क्योंकि लॉकडाउन के कारण लोगों के पास नकदी थी। अंतिम उपाय बैंक के रूप में आरबीआइ की भूमिका में बाधा नहीं आनी चाहिए।"

आपको बताते चलें कि सरकार पहले ही क्रिप्टोकरेंसी को लेकर अपना रुख साफ कर चुकी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा था कि, क्रिप्टोकरेंसी को भारत में प्रोत्साहित करने की सरकार की कोई योजना नहीं है। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद क्रिप्टोकरेंसी नियामक व डिजिटल करेंसी बिल 2021 पेश किया जाएगा। संसद के चालू सत्र में पेश होने के लिए क्रिप्टोकरेंसी बिल को सूचीबद्ध किया गया है जिसके तहत निजी क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है। हालांकि, चुनिंदा क्रिप्टोकरेंसी को संपदा के रूप में इजाजत दी जा सकती है।