घर खरीदने के साथ Credit Card पर भी जमकर Loan ले रहे भारतीय, रिपोर्ट में हुआ खुलासा

5 साल में कर्ज लेने वालों की संख्‍या में खासी बढ़ोतरी हुई है। आंकड़ों की जुबानी खुदरा लोन पोर्टफोलियो (Retail Loan Portfolio) में 91% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मार्च 2021 तक लोन में दी गई कुल रकम 77.7 लाख करोड़ रुपये थी।

Ashish DeepFri, 17 Sep 2021 03:21 PM (IST)
मार्च 2021 तक क्रेडिट कार्ड्स का कुल बैलेंस 173.9 हजार करोड़ रुपये था। (Pti)

नई दिल्‍ली, बिजनेस डेस्‍क। 5 साल में कर्ज लेने वालों की संख्‍या में खासी बढ़ोतरी हुई है। आंकड़ों की जुबानी खुदरा लोन पोर्टफोलियो (Retail Loan Portfolio) में 91% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मार्च 2021 तक लोन में दी गई कुल रकम 77.7 लाख करोड़ रुपये थी। भारत के अग्रणी क्रेडिट ब्यूरो क्रिफ (Crif) हाई मार्क ने अपनी प्रमुख हाऊ इंडिया लेंड्स, 2021 (How India Lends 2021) रिपोर्ट में ये आंकड़े दर्शाए हैं।

बीते 5 साल में भारत में खुदरा, माइक्रोफाइनेंस और कमर्शियल लोन के समग्र आंकड़ों को दर्शाने वाली यह रिपोर्ट लोन के ऐतिहासिक रुझान का विवरण देती है। इस रिपोर्ट से Crif का उद्देश्य बैंकों को बड़ा विजन देना है।

Crif हाई मार्क के एमडी और सीईओ नवीन चंदानी ने कहा कि हमारी रिपोर्ट How India Lends 2021 वित्त वर्ष 2017 से वित्त वर्ष 2021 तक भारत में लोन रुझानों को सामने लाने का एक प्रयास है। यह रिपोर्ट पर्सनल लोन (Personal Loan), कंज्यूमर ड्यूरेबल लोन (Consumer Durable Loan), दोपहिया वाहनों के लिए लोन (Two Wheeler Loan), आवासीय लोन (Housing Loan), वाहन लोन (Auto Loan), कारोबारी लोन और क्रेडिट कार्ड्स समेत सभी तरह के खुदरा लोन उत्पादों का गहराई से विश्लेषण करती है।

शीर्ष खुदरा लोन उत्पाद:

बकाया पोर्टफोलियो के हिसाब से 31.1% के साथ होम लोन की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा है, जबकि कंज्यूमर ड्यूरेबल लोन की सबसे कम 0.6% हिस्सेदारी है। सक्रिय लोन की संख्या के मामले में क्रेडिट कार्ड्स (Credit Card Expenses) की सर्वाधिक 16.6% हिस्सेदारी है, जबकि एजुकेशन लोन की सबसे कम 0.7% हिस्सेदारी है।

समग्र लोन पोर्टफोलियो में सालाना आधार पर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मार्च 2020 में इसमें 31.1% और मार्च 2021 में इसमें 20.2% का उछाल दर्ज किया गया है। क्रमश: 43% और 37.4% (मूल्य के हिसाब से) की हिस्सेदारी के साथ सार्वजनिक क्षेत्र और निजी क्षेत्र के बैंको का पर्सनल लोन के क्षेत्र में दबदबा है।मार्च 2021 तक 48.8% (मूल्य के हिसाब से) और 65.7% (वॉल्यूम के हिसाब से) के साथ एनबीएफसी का छोटे आकार के Personal Loan के क्षेत्र में दबदबा बना हुआ है।

Loan के आकार के बारे में कारोबारी साल 17 से वित्त वर्ष 20 के बीच एक लाख रुपये से ज्‍यादा के लोन (वॉल्यूम के आधार पर) की हिस्सेदारी में दोगुने की बढ़ोतरी हुई है, जबकि कारोबारी साल 21 में इसमें 10% की गिरावट आई है। कारोबारी साल 21 में पर्सनल लोन लेने वाले कुल उधार लेने वालों में से 40% की उम्र 35 साल से कम की है। 35 साल से ज्‍यादा उम्र के Borrowers की 50 हजार रुपये से कम के लोन में बड़ी हिस्सेदारी है। वित्त वर्ष 21 में कुल पर्सनल लोन का 19.1% हिस्सा नए बॉरोअर्स (एनटीसी) को दिया गया।

क्रेडिट कार्ड्स:

मार्च 2021 तक क्रेडिट कार्ड्स का कुल बैलेंस 173.9 हजार करोड़ रुपये था और कुल 608.89 लाख कार्ड्स चलन में थे, जो सालाना वैल्यू के आधार पर 11.6% और वॉल्यूम के आधार पर 13.5 की बढ़ोतरी दर्शाता है। क्रेडिट कार्ड्स के मामले में वैल्यू और वॉल्यूम दोनों के आधार पर निजी बैंकों का दबदबा रहा। देश के अधिकांश हिस्सों में लॉकडाउन के कारण वित्त वर्ष 2021 की पहली तिमाही में जारी किए गए नए कार्डों में तिमाही आधार पर 80% की गिरावट आई। कारोबारी साल 2021 में 54% नए क्रेडिट कार्ड 35 वर्ष से कम आयु के बॉरोअर्स को जारी किए गए।

कंज्यूमर ड्यूरेबल लोन:

इस रिपोर्ट के लिए 50,000 रुपये तक के कंज्यूमर ड्यूरेबल्स लोन को कंज्यूमर ड्यूरेबल लोन माना गया है। मार्च 2021 तक 25,100 करोड़ रुपये का कंज्यूमर ड्यूरेबल्स लोन का बकाया पोर्टफोलियो है, जिसमें वैल्यू के हिसाब से सालाना 4.8% और वॉल्यूम के हिसाब से 3% की बढ़ोतरी हुई है। इन लोन्‍स में वैल्यू और वॉल्यूम दोनों के आधार पर एनबीएफसी और निजी बैंकों का वर्चस्व है। औसत लोन का आकार वित्त वर्ष 2017 में 21,000 रुपये से घटकर वित्त वर्ष 2021 में 17,000 रुपये हो गया। वित्त वर्ष 2021 में 54% लोनदार 35 वर्ष से कम उम्र के हैं। वित्त वर्ष 2021 में न्यू टू क्रेडिट (एनटीसी) यानी नए लोन लेने वाले को 34.5% ऋण प्रदान किए गए थे। निजी बैंक एनबीएफसी की तुलना में एनटीसी लोनदारों को अधिक ऋण प्रदान करते हैं।

टू-व्‍हीलर के लिए लोन :

मार्च 2021 तक दोपहिया वाहनों के लिए लोन का पोर्टफोलियो बकाया 77,900 करोड़ रुपये था, जिसमें वैल्यू यानी मूल्य के हिसाब से सालाना 10.6% और वॉल्यूम के हिसाब से 6.3% की वृद्धि हुई। वैल्यू और वॉल्यूम दोनों के आधार पर इस क्षेत्र में एनबीएफसी और निजी बैंकों का वर्चस्व बना हुआ है। वित्त वर्ष 2017 से वित्त वर्ष 2021 तक औसत लोन की रकम में 23% की वृद्धि हुई। इसी अवधि में एनबीएफसी दोपहिया वाहनों के लोन के मामले में वॉल्यूम और वैल्यू दोनों के आधार पर हावी रहे। एनबीएफसी की तुलना में निजी बैंकों की औसत लोन की रकम अधिक होती है। वित्त वर्ष 2021 में 61.3% दोपहिया लोन लेने वाले 35 साल से कम उम्र के हैं। वित्त वर्ष 2021 में न्यू टू क्रेडिट (एनटीसी) यानी नए लोनदारों 64.5% दोपहिया ऋण प्रदान किए गए।

ऑटो लोन

मार्च 2021 तक ऑटो लोन का पोर्टफोलियो बकाया 4.34 लाख करोड़ रुपये है, जिसमें वैल्यू के हिसाब से सालाना 2.0% की वृद्धि हुई है। सभी बैंकों जैसे निजी बैंक, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक और एनबीएफसी की ऑटो लोन क्षेत्र में अच्छी उपस्थिति है। वित्त वर्ष 2017 से वित्त वर्ष 2021 के बीच औसत लोन की रकम में 17% की वृद्धि हुई। 41% हिस्सेदारी (वैल्यू के अनुसार) के साथ 36-50 वर्ष की आयु के उधार लेने वालों की कुल लोन रकम में सर्वाधिक हिस्सेदारी है। वित्त वर्ष 2021 में वाहन ऋण का 28.4% हिस्सा न्यू टू क्रेडिट (एनटीसी) यानी नए लोनदारों को प्रदान किया गया।

होम लोन:

मार्च 2020 में कुल पोर्टफोलियो में सालाना बढ़ोतरी 8.8% और मार्च 2021 में 12.1% रही। किफायती होम लोन (<₹ 35लाख रुपये की औसत लोन रकम) वैल्यू के हिसाब से 58% और वॉल्यूम के लिहाज से 85% की हिस्सेदारी के साथ होम लोन बाजार का एक महत्वपूर्ण हिस्सेदार है। इस क्षेत्र में वैल्यू और वॉल्यूम दोनों के लिहाज से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक और एचएफसी का दबदबा बना हुआ है। आवासीय लोन के लिए औसत लोन की रकम वित्त वर्ष 2017 में 24.6 लाख रुपये से 16% बढ़कर वित्त वर्ष 2021 में 28.5 लाख रुपये हो गया। वित्त वर्ष 2021 में 48.6% लोन (मूल्य के अनुसार) हिस्सेदारी के साथ 36-50 वर्ष आयु वर्ग के लोनदारों का इस खंड में वर्चस्व रहा।

बिजनेस लोन:

मार्च 2021 तक बिजनेस लोन का पोर्टफोलियो बकाया 5.49 लाख करोड़ रुपये का था, जो वैल्यू के लिहाज से 16% और वॉल्यूम के लिहाज से 30% की सालाना वृद्धि को दर्शाता है। वैल्यू के लिहाज से इस क्षेत्र में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और एनबीएफसी का वर्चस्व है। वित्त वर्ष 2017 में औसत लोन की रकम 4.4 लाख रुपये थी जो वित्त वर्ष 2020 में 34% के इजाफे के साथ बढ़कर 5.9 लाख रुपये हो गई। वित्त वर्ष 2021 में वैल्यू के आधार पर इस क्षेत्र के कुल लोन में 39% की हिस्सेदारी के साथ 36-50 वर्ष की उम्र के लोनदारों का दबदबा रहा। वित्त वर्ष 2021 में कुल व्यावसायिक लोन का 33.8% हिस्सा  न्यू टू क्रेडिट (एनटीसी) यानी नए लोन लेने वालों को दिया गया।

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