गांव की गलियां चकाचक और कीचड़ में सना मुख्य सड़क

बेतिया । प्रखंड के 13 वार्डों में बंटा है बरवा पंचायत। पंचायत की आबादी करीब 20 हजार हैं। पंचायत के अंतर्गत बरवा परसौनी मौजे बढिया टोला पश्चिम कॉलनी कवलापुर कॉलनी पचरुखी सेरहवा पचरुखा ढाढ पिपरा सेनवरीया झूमका आदि प्रमुख गांव है।

JagranMon, 20 Sep 2021 11:22 PM (IST)
गांव की गलियां चकाचक और कीचड़ में सना मुख्य सड़क

बेतिया । प्रखंड के 13 वार्डों में बंटा है बरवा पंचायत। पंचायत की आबादी करीब 20 हजार हैं। पंचायत के अंतर्गत बरवा, परसौनी, मौजे, बढिया टोला, पश्चिम कॉलनी, कवलापुर कॉलनी, पचरुखी, सेरहवा, पचरुखा, ढाढ पिपरा, सेनवरीया, झूमका आदि प्रमुख गांव है। मैनाटांड़ प्रखंड के दोन नहर नहर के उस पार का पंचायत है। विगत पांच वर्षों में पंचायत में विकास का काफी काम हुआ है। कई सड़कें और गलियां चकाचक हो गई है। नालियों का निर्माण हुआ है। बावजूद अभी भी रोजी रोजगार यहां के लोगों के लिए सपना ही बना हुआ है। उच्च शिक्षा के लिए पलायन छात्रों की मजबूरी है। सरकार की महत्वकांक्षी नल जल योजना पूरी तरह कारगर नहीं है। ग्रामीण केतलाल पटेल का कहना है कि पांच वर्षों में विकास का काम हुआ है। लेकिन अभी भी कई समस्याएं बरकरार है। झूलन साह का कहना है कि मुख्य सड़क पर जलजमाव है। लेकिन कोई जनप्रतिनिधि अधिकारी इस पर ध्यान नहीं देते हैं। जिससे यहां के लोगों का नारकीय जीवन इस सड़क से बना रहता है। राकेश प्रसाद बताते हैं कि जलजमाव के कारण लोग रास्ता बदलकर आते जाते हैं।

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जलजमाव बड़ी समस्या

पंचायत के विभिन्न क्षेत्रों और जब सड़कों पर जलजमाव एवं कौडेना नदी का कटाव यहां की एक बड़ी समस्या है। विगा पटेल, रंजीत पटेल, दिलनाथ ठाकूर, भागवत पटेल, भूटी साह, चंद्रिका पासवान लपचन राम बताते हैं कि गांव के मुख्य सड़क पर हमेशा पानी लगा रहता है। नदी हर साल सडका व खेतो को काट ले जाती है। रोजी रोजगार के लिए भी यहां कोई व्यवस्था नहीं है। स्मार्ट पंचायत का सपना अधूरा है।

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बोले लोग :

फोटो- 05

पंचायत में बहुत सारे जगह अभी भी लोगों को शुद्ध पेयजल नहीं मिलता है। कुछ वार्ड को छोड़कर ज्यादातर वार्डो में नल जल से पानी मिल रही है।

लक्ष्मण कुमार साह, ग्रामीण

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फोटो- 06

पंचायत में अभी भी युवाओं को रोजगार मुहैया नहीं होता है। रोजगार की तलाश में युवा पलायन कर रहे है। मनरेगा से मजदूरों को रोजगार भी नहीं मिल रहा है।

राजाराम पासवान , ग्रामीण

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फोटो- 07

विगत पांच साल में पंचायत का विकास तो हुआ है, लेकिन अभी भी बरसात व नाला का पानी सड़कों पर लग जा रही है। जिससे आवागमन में परेशानी होती है।

धर्मेंद्र पासवान , ग्रामीण

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फोटो- 08

पंचायत में विकास की और आवश्यकता है। गली गली सड़क का कार्य हुआ है। मुख्यमंत्री गली- नाली योजना के तहत कार्य में भ्रष्टाचार की बोलबाला है।

वृजेश पटेल , ग्रामीण

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पंचायत एक नजर में

कुल आबादी -- 20000

वार्डों की संख्या -- 13

स्कूल -- 08

आंगनबाड़ी केंद्र --13

जन वितरण दुकान -- 03

पशु चिकित्सालय --00

उपस्वास्थ्य केंद्र -- 02

बैक-------------00

पौधारोपण------4000

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कोट--

विगत पांच वर्षों में पंचायत का काफी विकास हुआ है। सड़कें, नालियां बनवाई गई है। विभिन्न योजनाओं के तहत काम हुआ है। अभी और विकास की आवश्यकता है। किसानों के लिए पटवन एक समस्या है।

चेतमन प्रसाद उर्फ पेंटर , मुखिया, बरवा पंचायत, मैनाटांड़

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