यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम की राज्य स्तरीय टीम ने की समीक्षा

बेतिया । राज्य स्तरीय टीम ने जिले में संचालित यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम का जायजा लिया। अधिकारियों व कर्मियों के साथ बैठक कर इसकी समीक्षा की। 38 वें स्थान पर पहुंचा जिला के कारणों को जाना। इसके लिए सदस्यों ने विभिन्न प्रखंड व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का भी दौरा कर फीडबैक प्राप्त किया। तीन दिन के दौरे पर बेतिया पहुंची टीम ने अंतिम दिन शुक्रवार को जीएनएम स्कूल में अधिकारियों व कर्मियों के साथ बैठक कर कई जानकारी शेयर की। टीम में डब्लू एचओ के डा. राजीव पाठक, संचारी रोग पदाधिकारी गोपालगंज डा. पीएन राम, संचारी रोग पदाधिकारी सिवान डा. अनिल कुमार, संचारी रोग पदाधिकारी समस्तीपुर डा. श्रीराम प्रसाद, डा. रविशंकर आदि शामिल रहे। बैठक को संबोधित करते हुए डब्लूएचओ के डा. राजीव पाठक ने कहा कि प्रतिदिन करीब 1400 लोगों की मौत यक्ष्मा यानी टीबी के कारण हो रही है। 75 सौ नए मरीज हर दिन चिह्नित किए जा रहे हैं। हर 1 लाख मरीजों में करीब 10 एमडीआर के मरीज पाए जा रहे हैं। इन एमडीआर के मरीजों को ससमय इलाज नहीं मुहैया कराया गया, उससे करीब 15 नए लोगों को एमडीआर के मरीज होने का खतरा बना रहता है। नतीजतन टीबी के मरीजों की पहचान व उसका इलाज जरूरी है। इसमे कोताही ठीक नहीं है। उन्होंने बेहतर प्रदर्शन के लिए अधिकारियों व कर्मियों को कई टिप्स दिए। सिविल सर्जन ने डा. अरुण कुमार सिन्हा ने टीबी उन्मूलन के लिए हरेक लोगों के सपोर्ट पर बल दिया। जागरूकता व जानकारी पर बल दिया। मौके पर जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डा. टीएन प्रसाद, डा. चेतन जायसवाल, सूर्यनारायण साह, डा. इंतसारूल हक सहित करीब सभी एसटीएस, एसटीएलएस व एलटी उपस्थित रहे।

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