दिल्ली

उत्तर प्रदेश

पंजाब

बिहार

उत्तराखंड

हरियाणा

झारखण्ड

राजस्थान

जम्मू-कश्मीर

हिमाचल प्रदेश

पश्चिम बंगाल

ओडिशा

महाराष्ट्र

गुजरात

मकर संक्रांति आज, गंगा जल से स्नान का महत्व

मकर संक्रांति आज, गंगा जल से स्नान का महत्व

बगहा। मकर संक्रांति गुरुवार को है। बुधवार को लोगों ने जमकर खरीदारी की। इस दिन स्नान दा

JagranThu, 14 Jan 2021 12:40 AM (IST)

बगहा। मकर संक्रांति गुरुवार को है। बुधवार को लोगों ने जमकर खरीदारी की।

इस दिन स्नान दान के बाद तिल के लड्डू व दही चिउड़ा से दिन में प्रसाद ग्रहण करने की परंपरा है। वहीं रात में खिचड़ी बनाने खाने व अपनों को खिलाने की भी परंपरा है।

अयोध्या के आचार्य शिवेंद्र जी महाराज ने बताया कि समाज में व्याप्त लौकिक परंपरा के अनुसार गुरुवार को खिचड़ी खाना वर्जित है। लेकिन, उस दिन मकर संक्रांति होने से यह नियम लागू नहीं होता है। अत: इस दिन खिचड़ी बनाई और खाई जा सकती है। साथ ही इस दिन को भगवान सूर्य की आराधना व तीर्थ में स्नान व दान का विशेष महत्व है। मकर संक्रांति के अवसर पर दान में कंबल, तिल व गुड़ अथवा अन्न आदि का दान किया जा सकता है। शास्त्रों में

गंगा स्नान का महत्व बताया गया है। लेकिन अगर गंगा स्नान संभव नहीं हो तो अन्य नदियों में या घर पर गंगाजल मिश्रण कर स्नान किया जा सकता है।

----------------------------------------

दिन में दही-चूड़ा़ और रात में खिचड़ी खाने की परंपरा

--- बगहा व आसपास में गंडक नदी होने के कारण इस अवसर पर अधिकांश लोग गंडक तट पर ही स्नान करते हैं। वाल्मीकिनगर, रमपुरवा, मंगलपुर, काली स्थान, नरैनापुर, दीनदयालनगर सहित दर्जनों स्थानों पर श्रद्धालुओं द्वारा डुबकी लगाई जाती है। विभिन्न घाटों पर सुरक्षा को देखते हुए पुलिस बल के साथ दंडाधिकारी तैनात किए जाते हैं। सीओ बगहा दो राकेश कुमार ने बताया कि आकस्मिक स्थिति को देखते हुए गोताखोर व तैराक रखा गया है। घाटों पर बैरिकेडिग करने का आदेश दिया गया है। ताकि कोई व्यक्ति उससे आगे नहीं जाए।

--- तिलकुट, लाई, चूड़ा पर कितनी चढ़ी महंगाई :

सामान्य तौर पर हर चीजें महंगी हुई है। उसके अनुसार इस अवसर पर उपयोगी दही, चिउड़ा, तिलकुट, गजक आदि का महंगा होना स्वभाविक है। लेकिन, विभिन्न प्रकार के डिब्बाबंद गजक व मर्चा के चिउड़ा पर महंगाई का असर अधिक है।

सुधा सहित अन्य डेयरी वालों के अलावा बगहा व आसपास के लोग देशी दूध व दही का उपयोग अधिक करते हैं। लेकिन, बाहर से आए नौकरी पेशा वालों के लिए सुधा आदि का दूध ही अधिक कारगर साबित हो रहा है। सुधा दूध विक्रेता रीजू चौबे ने बताया कि सामान्य दिनों से तीन गुना अधिक आर्डर आया है।

मकर संक्रांति की तैयारी के संबंध में अधिवक्ता राजेश पांडेय ने बताया कि इस त्योहार पर भी कोरोना महामारी का असर दिख गया। मलकौली निवासी इंदूभूषण पांडेय ने बताया कि प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी सुबह स्नान के बाद पूजा पाठ करके परंपरा के अनुसार दान दिया जाएगा।

नरईपुर निवासी किसलय कुमार ने बताया कि कई संबंधी कनाडा, अमेरिका, इंगलैंड आदि में रहते हैं। जिनको प्रति वर्ष मर्चा का चिउड़ा व गन्ना क्रसर का ताजा गुड़ भेजा जाता था। घर आए मेहमानों का भी उसी से स्वागत किया जाता था। लेकिन, वैश्विक महामारी व महंगाई पर इसका भी असर है।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.