जिले में लगेंगे 11.80 लाख पौधे, हरियाली होगी चंपारण की पहचान

बगहा। वीटीआर में पौधारोपण अभियान का आगाज हो गया है। पीसीसीएफ ए. एन शरण ने जंगल कैंप पि

JagranSun, 13 Jun 2021 11:33 PM (IST)
जिले में लगेंगे 11.80 लाख पौधे, हरियाली होगी चंपारण की पहचान

बगहा। वीटीआर में पौधारोपण अभियान का आगाज हो गया है। पीसीसीएफ ए. एन शरण ने जंगल कैंप परिसर से पौधारोपण कर अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि इस बार भी वीटीआर में विभिन्न किस्मों के पौधे लगाए जाएंगे। मानसून की आहट को देखते हुए पौधरोपण अभियान की रफ्तार को तेज कर दिया गया है। पीसीसीएफ ने कहा कि पश्चिम चंपारण में पौधारोपण अभियान इस बार किसानों व बागवानों की आर्थिक मजबूती के लिए समर्पित होगा। इस बार फलदार पौधे भी लगाए जाएंगे। वीटीआर के मदनपुर, हरनाटाड़, मगुरांहा एवं उदयपुर के नर्सरियों से पौधे मंगाए जाएंगे। कोरोना संकट में जब लोगों की सांसें थम रही हैं, ऐसे समय में वन विभाग वीटीआर में और हरियाली का दायरा बढ़ाएगा। हरियाली बढ़ने से मिलने वाली प्राणवायु से लोगों की सेहत बेहतर होगी। सीएफ हेमकांत राय ने बताया कि पश्चिम चंपारण में इस बार मानसून सीजन में 11 लाख 80 हजार पौधे लगाकर धरा का श्रृंगार किया जाएगा। यह अभियान पांच जून से लेकर आठ अगस्त तक चलेगा। हरित आवरण बढ़ाने पर सरकार का पूरा जोर है। वहीं सूबे में पांच करोड़ पौधे लगाए जाने का लक्ष्य है। जिसकी शुरुआत विगत पांच जून को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कर चुके हैं। पेड़ धरा के जीवन के रक्षक तो हैं ही पूरे देश को प्राणवायु भी प्रदान करते हैं। वीटीआर में अपार वन संपदा है। सुकून वाली बात यह है कि इसमें लगातार बढ़ोतरी हो रही है। वनों से वीटीआर में पर्यावरण संरक्षण से लेकर आर्थिक समृद्धि का मार्ग प्रशस्त हो रहा है। ऐसे में जब पूरा देश पर्यावरण संकट के साथ कोरोना से भी जूझ रहा है, प्रदेश में हरित आवरण बढ़ना सुखद संकेत दे रहा है। इससे पानी की शुद्धता बनती है। वनस्पतियों का भी विस्तार होता है। वन्य प्राणियों का भी संरक्षण संभव हो पाता है। कोविड-19 निर्देशों का पालन करते हुए लगेंगे पौधे :-

चौड़ी पत्ती वाले पौधों में पीपल और बरगद सबसे ज्यादा आक्सीजन प्रदान करते हैं। इस बार विभाग वीटीआर में ऐसे ही पौधों को लगाएगा। चौड़ी पत्ती वाले पौधे रोपने पर अबकी बार ज्यादा फोकस रहेगा। कुल पौधारोपण में 30 फीसद से अधिक फलदार पौधे रोपे जाएंगे, ताकि वन्य प्राणियों को भी आहार मिल सकें। सरकार की नीतियों, विभागीय प्रयासों, जन सहयोग से जिले में वनों का आवरण बढ़ रहा है, यह सुखद पहलू है। हरियाली बढ़ने से मिलने वाली प्राणवायु से लोगों की सेहत बेहतर होगी। पौधारोपण कोविड के दिशा निर्देशों के आधार पर होगा। अमरुद से लेकर आंवला तक के पौधे लगेंगे :-

इस वर्ष जैव विविधता के साथ साथ फलदार और फूलदार पौधे भी लगाए जाएंगे। जैव विविधता में पीपल, बरगद, पाकड़,गुलर, फलदार में अमरूद ,आंवला, हर्रे, बहेड़ा समेत फूलदार में गोल्ड मोहर समेत विभिन्न प्रकार के पौधे लगाने की तैयारी है। इस वर्ष बिहार में पांच करोड़ पौधे लगाए जाएंगे। इसके लिए पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। पिछले वर्ष 2.51 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन तीन करोड़ 91 लाख पौधे लगाए गए थे। राज्य में वर्तमान में 15 फीसद वनीकरण है, इसे बढ़ाकर 17 फीसद करने की तैयारी चल रही है। सरकार कृषि वानिकी को बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। इसके माध्यम से प्रगतिशील कृषकों को विभाग की ओर से पौधे मुहैया कराए जाते हैं। इसमें जीविका सदस्यों को भी शामिल किया गया है। इस बार लक्ष्य से अधिक पौधे लगाए जाएंगे। पौधारोपण में लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इसमें कोविड-19 निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा। मौके पर सीएफ हेमकांत राय, डीएफओ नीरज नारायण, वाल्मीकिनगर रेंजर महेश प्रसाद, डब्ल्यू टीआई के सुब्रत बेहरा आदि मौजूद थे।

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