गंडक नदी में उफान, बराज को खतरा

गंडक नदी में उफान, बराज को खतरा
Publish Date:Fri, 25 Sep 2020 12:31 AM (IST) Author: Jagran

बगहा । वाल्मीकिनगर अवस्थित ऐतिहासिक गंडक बराज के सभी 36 फाटक उठा दिए गए हैं। एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया गया है। गुरुवार की दोपहर गंडक का जलस्तर 3 लाख 69 हजार क्यूसेक तक पहुंच गया है। जो कि खतरे के निशान के काफी करीब है। ऐसी ही बारिश होती रही तो उम्मीद है कि चार लाख क्यूसेक पार हो जाए। जलस्तर में उतार-चढ़ाव को देखते हुए बराज के सभी फाटक उठाए गए हैं। ताकि कभी जलस्तर बढ़ने पर गेटों की सुरक्षा को लेकर किसी तरह का सवाल खड़ा न हो। उधर, नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के बाद सीमावर्ती उत्तर प्रदेश के सोहगीबरवा समेत करीब दो दर्जन गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। इसी प्रकार वाल्मीकिनगर व गंडक पार के चारों प्रखंडों के दो दर्जन गांव जलमग्न हैं। सीमावर्ती नेपाल के पहाड़ों का पानी मैदानी इलाकों में मुसीबत बढ़ा रहा है। लगातार हो रही बारिश को देख सतर्कता बढ़ा दी गई है। जलस्तर में लगातार बदलाव के कारण पिपरा-पिपरासी तटबंध व अमवा खास तटबंध पर भी नदी का दबाव बना हुआ है। अभियंताओं की टीम बाढ़ को लेकर चौकस है। बराज के कार्यपालक अभियंता जमील अहमद ने बताया कि नदी के जलस्तर में वृद्धि हो रही है।

------------------------------------- 18 वर्ष पूर्व टूटा था बराज का एफलेक्स बांध :-

गंडक बराज की जलधारण क्षमता 8 लाख 50 हजार क्यूसेक है। 23 जुलाई 2002 को 6 लाख 29 हजार क्यूसेक जल दबाव के कारण गंडक बराज का दायां एफलेक्स बांध टूट गया था। बराज के जलाशय में सिल्ट जमा हो जाने से इसकी क्षमता घट गई है। नियमानुसार बराज से अधिकतम साढ़े आठ लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो सकता। --------------------

बराज में लगे हैं चार तरह के गेट :-

गंडक बराज वाल्मीकिनगर में कुल चार तरह के गेट लगे हैं। गेट संख्या एक से छह तक लेफ्ट अंडर स्लुइस गेट हैं। गेट से संख्या सात से 24 तक स्पिलवे गेट हैं। 25 से 30 तक रिवर स्लूइस गेट हैं। वही 31 से 36 तक राइट अंडर स्लूइस गेट लगे हैं। जिसमें एक से छह तक तथा 25 से 30 तक के गेटों की डिजाइन एक है। इसका साइज 20 गुना 60 फीट है। वही गेट संख्या सात से 24 तक की डिजाइन अलग है। फिलहाल सर्वाधिक जर्जर अवस्था में स्पिलल-वे गेट हैं।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.